कार्रवाई के बारे में जानकारी देते एसएसपी व अन्य पुलिस अधिकारी
कपूरथला: कपूरथला पुलिस ने वर्ष 2025 के दौरान अपराध और नशा तस्करी के खिलाफ एक निर्णायक युद्ध लड़ते हुए शानदार सफलता हासिल की है। जिले के एसएसपी गौरव तूरा ने वार्षिक प्रदर्शन का लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि पुलिस की मुस्तैदी के चलते न केवल अपरा
‘युद्ध नशे के विरुद्ध’: रिकॉर्ड गिरफ्तारियां और बरामदगी
एसएसपी गौरव तूरा ने बताया कि “युद्ध नशे के विरुद्ध” मुहिम के तहत पुलिस ने वर्ष 2025 में एनडीपीएस एक्ट के तहत 1125 मामले दर्ज कर 1424 दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा। व्यावसायिक मात्रा (Commercial Quantity) के 36 मामलों में 54 तस्कर गिरफ्तार किए गए।
पुलिस ने इस दौरान भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए, जिनमें प्रमुख रूप से:
- हेरोइन: 14.845 किलोग्राम
- भुक्की: 463.599 किलोग्राम
- अफीम: 12.983 किलोग्राम
- नशीली गोलियां/कैप्सूल: 72,086
- आइस व अन्य: 0.065 किलो आइस और 1.407 किलो नशीला पाउडर।
इसके साथ ही पुलिस ने ₹7,84,540/- की ड्रग मनी जब्त की और तस्करों द्वारा काले कारोबार से बनाई गई ₹18.42 करोड़ की संपत्तियों को फ्रीज करने की बड़ी कार्रवाई की। अदालतों में प्रभावी पैरवी के चलते इन मामलों में 92% सजा दर सुनिश्चित की गई।
गंभीर अपराध और साइबर क्राइम पर लगाम
जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने गंभीर अपराधियों के खिलाफ शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति अपनाई:
- हत्या व लूट: हत्या के 17 में से 16 मामलों को सुलझाकर 45 गिरफ्तारियां की गईं। लूट के 24 मामलों में 40 आरोपी पकड़े गए और ₹18.89 लाख की बरामदगी हुई। बैंक डकैती के एक मामले में ₹27.69 लाख बरामद किए गए।
- गैंगस्टर और हथियार: संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 28 गैंगस्टरों को काबू किया गया। आर्म्स एक्ट के तहत 21 मामलों में 35 दोषियों से 38 पिस्तौल (5 विदेशी ग्लॉक सहित) और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए।
- साइबर अपराध: साइबर ठगी को भविष्य की चुनौती मानते हुए पुलिस ने एक बड़े गिरोह के 42 दोषियों को पकड़कर ₹2.15 करोड़ नकद और 40 लैपटॉप बरामद किए।
जन-हितैषी पुलिसिंग और पुनर्वास
कपूरथला पुलिस ने तकनीक और जन-सहयोग के मेल से “सेफ पंजाब” टिपलाइन के माध्यम से 1324 सूचनाएं प्राप्त कीं, जिससे 570 गिरफ्तारियां संभव हुईं। 112 हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों का औसत निपटारा समय मात्र 11 मिनट रहा, जो पुलिस की सक्रियता को दर्शाता है।
नशे के पीड़ितों को मुख्यधारा में लाने के लिए 701 पीड़ितों को नशा मुक्ति केंद्रों और 1833 को ओट (OOAT) केंद्रों से जोड़ा गया। इसके अलावा, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के दौरान भी पुलिस ने राहत सामग्री पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित निकालने में मानवीय चेहरा पेश किया।
भविष्य का लक्ष्य: नशा मुक्त कपूरथला 2026
एसएसपी तूरा ने साल भर की ड्यूटी के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने स्पष्ट किया कि साल 2026 में पुलिस का मुख्य लक्ष्य नशे का पूर्ण सफाया, अवैध शराब की रोकथाम (जिसमें इस वर्ष 143 मामले दर्ज हुए) और यातायात नियमों को सख्ती से लागू करना होगा। इस अवसर पर एसपी गुरप्रीत सिंह, एसपी प्रभजोत सिंह विर्क सहित अन्य पुलिस अधिकारी भी उपस्थित थे।
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