कपूरथला में महाशिवरात्रि के पावन पर्व की पूर्व संध्या पर ‘बम भोले’ और ‘ओम नमः शिवाय’ नारे गुंजायमान रहा। ऐतिहासिक प्राचीन ब्रह्मकुंड मंदिर से एक विशाल शोभायात्रा का आयोजन किया गया। इस दौरान पूरा शहर ‘बम भोले’ और ‘ओम नमः शिवाय’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। शोभायात्रा के शुभारंभ से पहले मंदिर प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर से लाए गए पवित्र ज्योति स्वरूप की भी विशेष पूजा की गई, जिसमें विधायक राणा गुरजीत सिंह मुख्य रूप से शामिल हुए। देवी देवताओं की झाकियां आकर्षण का केंद्र फूलों से सजी भगवान शिव की पालकी और ढोल-नगाड़ों की थाप के साथ शुरू हुई इस शोभायात्रा में देवी-देवताओं के जीवन पर आधारित अत्यंत आकर्षक झांकियां सजाई गई थीं। यह शोभायात्रा प्राचीन ब्रह्मकुंड मंदिर से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख बाजारों और मुख्य मार्गों से गुजरी। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों ने श्रद्धा भाव से पालकी पर पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया। इस दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के भी कड़े इंतजाम देखे गए। कई जगह लगाए लंगर श्रद्धा और भक्ति के इस समागम में कपूरथला के अलावा आसपास के शहरों से भी भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। भजन मंडलियों ने ‘शिव शंकर भोले कब होंगे दर्शन तेरे’ जैसे भक्तिपूर्ण भजनों से वातावरण को शिवमय बना दिया। शोभायात्रा के पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं की सेवा के लिए स्थानीय निवासियों और विभिन्न संस्थाओं द्वारा फल, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों के अनेक लंगर लगाए गए थे, जहाँ लोगों ने उत्साहपूर्वक प्रसाद ग्रहण किया। देर रात तक चला कार्यक्रम अंत में, शहर का भ्रमण करने के पश्चात यह विशाल शोभायात्रा पुनः प्राचीन ब्रह्मकुंड मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। मंदिर कमेटी के सदस्यों ने सफल आयोजन के लिए सभी श्रद्धालुओं और प्रशासन का आभार व्यक्त किया। महाशिवरात्रि के इस उपलक्ष्य में मंदिर को विशेष रूप से रोशनी और फूलों से सजाया गया है, जहाँ देर रात तक भक्तों का तांता लगा रह
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