कपूरथला में निर्माणाधीन एक्सप्रेस-वे पर धरना देकर बैठे किसान।
कपूरथला के सुल्तानपुर लोधी में किसानों ने दिल्ली-कटरा और जामनगर एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य अनिश्चितकाल के लिए रुकवा दिया है। किसानों ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) पर जमीन का उचित मुआवजा न देने का आरोप लगाते हुए गांव टिब्बा में रोड संघर्ष
किसानों का आरोप है कि उन्हें उनकी जमीन का सही मुआवजा नहीं मिला है। उनका कहना है कि जमीन का बाजार भाव 50 लाख रुपए प्रति एकड़ से अधिक है, जबकि उन्हें केवल 30 से 40 लाख रुपए प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिया गया है। किसानों ने हरियाणा में ऐसे ही प्रोजेक्ट्स के लिए 1 करोड़ रुपए प्रति एकड़ से अधिक मुआवजा दिए जाने का हवाला दिया।
किसानों ने कहा कि उन्होंने इस मामले में कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, लेकिन NHAI कोर्ट में अपना पक्ष ठीक से नहीं रख रहा है। इसके अलावा, प्रशासन और अथॉरिटी ने टेबल टॉक के दौरान किसानों की कई मांगें मानी थीं, लेकिन उन्हें जमीनी स्तर पर लागू नहीं किया गया है।
कपूरथला में निर्माणाधीन एक्सप्रेस-वे पर धरना देकर बैठे किसान।
किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि एक्सप्रेस-वे के कारण उनकी जमीनें टुकड़ों में बंट गई हैं, जिससे खेती प्रभावित हो रही है। खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बिछाने के वादे भी पूरे नहीं किए गए हैं। किसानों का कहना है कि उन्हें कड़ाके की ठंड में धरना देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
संघर्ष कमेटी के अध्यक्ष प्रभदयाल सिंह, परमजीत सिंह खालसा, तरसेम सिंह, बीबी जसविंदर कौर (टिब्बा) और रणजीत सिंह राणा ने घोषणा की कि जब तक किसानों को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक यह धरना जारी रहेगा। विभिन्न किसान संगठन इस विरोध प्रदर्शन को पूरा समर्थन दे रहे हैं।
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