कानपुर में आधार और पैन कार्ड के दुरुपयोग के चलते नौकरी और सरकारी राशन कार्ड गंवाने वाले एक पीड़ित ने सोमवार को जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह से न्याय की गुहार लगाई है। नौबस्ता निवासी ओमजी शुक्ला को चार नवंबर 2025 को सेंट्रल जीएसटी विभाग से एक नोटिस मिला था। इसमें उनके नाम पर किसी फर्म के माध्यम से 17,47,56,200 रुपये का टर्नओवर और 3,14,56,116 रुपये टैक्स बकाया होने का जिक्र था।
भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र ने बताया कि नोटिस मिलने के बाद ओमजी शुक्ला को काकादेव कोचिंग सेंटर में गार्ड की नौकरी से हाथ धोना पड़ा। चाय की दुकान भी बंद हो गई। 13 जनवरी 2026 को जब वह सरकारी राशन लेने गया पता चला कि उनका राशन कार्ड निरस्त कर दिया गया है। जांच में पता चला कि 25 लाख रुपये से अधिक के जीएसटी टैक्स बकाया का हवाला देकर उनका कार्ड रोका गया है।
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