रिपोर्ट- खेमनारायण शर्मा. छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के बड़े तेवड़ा गांव में शव दफन विवाद के बाद से क्षेत्र में ईसाई समुदाय के मतांतरित ग्रामीणों द्वारा मूल धर्म में वापसी हो रही है. जिस प्रकार शव दफन को लेकर ईसाई समुदाय द्वारा विरोध कर रहे ग्रामीणों पर लाठी डंडे से हमला किया गया था, उसके बाद से क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है लेकिन कुछ ईसाई धर्म को मानने वाले ग्रामीण खुद से मूल धर्म में वापसी करने समाज से निवेदन कर रहे हैं और लगातार गांव में मतांतरित ग्रामीणों का स्वागत किया जा रहा है. गुरुवार को भी चार परिवार के 16 सदस्यों ने घर वापसी की. सर्व समाज और गांव के गायता पटेल मांझी ने पूजा-अर्चना कर इन्हें मूल धर्म में वापसी कराई. ग्रामीणों का कहना है कि शव दफन विवाद में हमारे पक्ष के लोगों ने मारपीट शुरू कर दी और भाग गए. हमको गांव में ही रहना है सबके साथ, इसलिए हमने ग्राम के पटेल मांझी और उप-सरपंच से निवेदन किया. मूल धर्म में वापसी के बाद बहुत खुशी मिल रही है. वही गांव के मुखिया ने भी खुशी जताई और कहा कि आगे भी जो लोग मूल धर्म में वापसी करने इच्छा रखेंगे, उनका स्वागत किया जाएगा. हम अपील भी करते हैं कि अपने मूल धर्म रीति-रिवाजों से जुड़कर खुशी से रहें. कांकेर विवाद के बाद अब तक 50 से ज्यादा लोगों ने घर वापसी की है.
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