बागेश्वर जिले के कांडा तहसील क्षेत्र के खंतोली गांव के मूल निवासी कैलाश चंद्र पंत को पद्मश्री सम्मान मिला है। वर्तमान में मध्य प्रदेश के मह में रहने वाले पंत को पद्म सम्मान मिलने से क्षेत्र में खुशी की लहर है। उनकी उपलब्धि पर ग्रामीणों ने गांव में मिठाई बांटकर जश्न मनाया। खंतोली के तल्ला गांव के मूल निवासी कैलाश चंद्र पंत का जन्म 26 अप्रैल 1936 को इंदौर के मह में हुआ था।
उनका पूरा परिवार उनके जन्म से पहले ही गांव छोड़ गया था। हालांकि गांव से उनका लगाव बना रहा। 20 साल पहले तक कैलाश पंत अपने परिवार के साथ समय-समय पर गांव आते रहते थे। उनकी पुत्री प्रीति जोशी ने बताया कि उनके दादा लोग तीन भाई थे, तीनों मध्य प्रदेश में शिफ्ट हो गए थे। अंतिम बार वह 2006 में धौलीनाग मंदिर में पूजा-अर्चना करने के लिए गांव आए थे।
उम्र बढ़ने के कारण बाद में उनका गांव आना छूट गया, लेकिन गांव से आज भी उनका लगाव बना हुआ है। रविवार को उन्हें पद्मश्री मिलने की सूचना मिलते ही उनकी बिरादरी के लोगों ने खुशी मनानी शुरू कर दी। शाम को गांव में मिठाई बांटी गई। इस मौके पर दामोदर पंत, चंद्रप्रकाश पंत, मोहन पंत, संध्या पंत गिरीश पंत, विनोद पंत, महेश पंत, प्रभाकर पंत, सुशीला पंत, भगवती पंत समेत तमाम ग्रामीण मौजूद रहे।
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