अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बार फिर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड की संयुक्त टीम ने एक ही दिन में दो बड़े ऑपरेशन को अंजाम देते हुए 21 किलो अफीम और 8.38 क्विंटल डोडा चूरा बरामद किया है।
पुलिस महानिरीक्षक (ANTF) विकास कुमार ने बताया कि मणिपुर से लाई जा रही अफीम और झारखंड से जोधपुर के लिए भेजी जा रही डोडा चूरा की खेप पकड़े जाने से
राजस्थान में सक्रिय तस्करी नेटवर्क को तगड़ा झटका लगा है।
एएनटीएफ टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर लंबा पीछा करते हुए सीकर जिले के रींगस क्षेत्र में एक क्रेटा कार को रोका। कार की पीछे की लाइट के भीतर बने गुप्त खांचे से 20 किलो 800 ग्राम अफीम का दूध बरामद किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राकेश, राजूराम (AIIMS जोधपुर का वार्ड बॉय) और शंकर के रूप में हुई है। ये तीनों लंबे समय से पूर्वोत्तर राज्यों से राजस्थान तक अफीम की तस्करी में शामिल थे।
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जांच में पता चला कि आरोपी जाते वक्त असम की नंबर प्लेट और लौटते समय गुजरात की नंबर प्लेट लगाते थे ताकि पुलिस की चेकिंग में पकड़ से बच सकें। कार की बोनट से असम की दो फर्जी नंबर प्लेटें बरामद की गईं, जिनकी सत्यता की जांच जारी है।
एएनटीएफ के मुखबिर तंत्र ने असम-मणिपुर की सीमा के कोकराझार इलाके से तस्करों की गतिविधियों की जानकारी जुटाई। सूचना के आधार पर टीम ने उत्तरप्रदेश के पडरौना तक उनकी मूवमेंट को ट्रैक किया। लंबा पीछा करने के बाद जब तस्कर रींगस में खाटू श्याम मंदिर दर्शन के लिए रुके तो टीम ने उन्हें घेरकर पकड़ लिया। पहली तलाशी में कुछ नहीं मिला लेकिन गहन जांच में कार के पीछे की बत्ती के भीतर छिपाई गई अफीम बरामद हो गई।
दूसरी कार्रवाई में एएनटीएफ टीम ने झारखंड से जोधपुर के लिए भेजा जा रहा ट्रक पकड़ा,
जिसमें 8 क्विंटल 38 किलो डोडा चूरा छिपाया गया था। तस्कर बार-बार रास्ता बदलकर पुलिस को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा था लेकिन पुलिस मोबाइल नंबर की लोकेशन ट्रैकिंग और तकनीकी निगरानी से उसकी मूवमेंट पर नजर रखे हुए थी।
टीम ने बीकानेर जिले के सेरूणा इलाके में दो स्तरीय नाकेबंदी की। पहले बैरियर को पार करने की कोशिश करने के बाद, तस्कर को दूसरे नाके पर पकड़ लिया गया। चालक सुरेंद्र कुमार ने पूछताछ में स्वीकार किया कि ट्रक में 44 कट्टों में डोडा चूरा भरा हुआ था। पुलिस ने बताया कि इस तस्करी नेटवर्क के सरगना का नाम फिलहाल गोपनीय रखा गया है, ताकि पूरे गिरोह तक पहुंच बनाई जा सके।
आईजी विकास कुमार ने कहा कि एएनटीएफ और एटीएस की टीमें लगातार नशे के खिलाफ अभियान चला रही हैं। राजस्थान को मादक पदार्थों की तस्करी से मुक्त करने के लिए पुलिस की कार्रवाई और तेज की जाएगी।
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