Holi Mahotsav Vaderagate Rajasthan: वडेरागेट में चंग और गुलाल के साथ होली महोत्सव शुरू हुआ. किसानों ने पारंपरिक वेशभूषा में चंग की थाप पर फाग गाया और नृत्य किया. महिलाओं ने लूर नृत्य की प्रस्तुति दी. यह उत्सव अब होली तक प्रतिदिन विभिन्न चौपालों पर आयोजित होगा.
वडेरागेट में होली महोत्सव का आगाज़
होली उत्सव की शुरुआत में किसान अपनी मूल सांस्कृतिक पहचान के साथ नजर आए. सफेद धोती, अंगरखी, पैरों में बंधे भारी घुंघरू और हाथों में गमछा लिए किसानों का जोश देखते ही बन रहा था. चंग की थाप पर ‘जोरजी चांपावत घोड़ा, बाजारो में खड़िया रे’ जैसे प्राचीन पारंपरिक गीत गाए गए. किसानों का यह जत्था वडेरागेट से रवाना होकर शनिश्चरजी का थान और मुख्य बाजार होते हुए रावला कोट चौक पहुंचा. रास्ते भर ग्रामीणों ने पुष्पहारों और गुलाल के साथ इस फाग मंडली का जोरदार स्वागत किया.
महिलाओं का लूर नृत्य और युवाओं का उत्साह
रावला कोट चौक में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. पारंपरिक श्रृंगार में सजी महिलाओं ने बिना किसी वाद्ययंत्र के, केवल तालियों की थाप और लय पर ‘लूर नृत्य’ की शानदार प्रस्तुति दी. इस आयोजन की खास बात यह रही कि बुजुर्गों के साथ युवा पीढ़ी भी अपनी जड़ों से जुड़ी नजर आई. बड़ी संख्या में युवाओं ने पारंपरिक वेशभूषा पहनकर बुजुर्गों के साथ फाग गीतों पर कदमताल किया, जो संस्कृति के हस्तांतरण का अनूठा उदाहरण है.
होली तक जारी रहेगा रंग और रस का सिलसिला
वडेरागेट में कार्यक्रम के समापन के बाद यह जत्था खरंटिया मठ मेले के लिए रवाना हुआ, जहाँ उन्होंने डांडिया प्रतियोगिता में भाग लिया. आयोजन समिति के अनुसार, अब होली तक प्रतिदिन अलग-अलग मोहल्लों और चौकों में फाग के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. हर दिन शाम को चंग की थाप और घुंघरुओं की झंकार सुनाई देगी. ग्रामीणों में इस उत्सव को लेकर भारी उत्साह है और पूरी फिजा में होली का खुमार चढ़ने लगा है.
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Vicky Rathore is a multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience in digital media, social media management, video production, editing, content writing, and graphic, A MAJMC gra…और पढ़ें
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