गिरफ्तार नरेश के खिलाफ 37 आपराधिक मामले दर्ज हैं और उस पर उदयपुर पुलिस ने 50 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। वहीं अमन वाल्मीकि के खिलाफ भी 6 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों के खिलाफ संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (धारा 111) के तहत कार्रवाई की है।
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पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे मध्यप्रदेश से हथियार खरीदकर लाए थे और खुद की गैंग बना रखी थी। आरोपी नरेश ने बताया कि वह यहां भदवासिया इलाके में एक शमशान में कई दिनों तक रुका उसकी गतिविधियां आसपास के लोगों को संदिग्ध लगीं और उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी इसके बाद से लगातार नरेश पर नजर रखी जा रही थी और आखिरकार पुलिस ने उसे पकड़ लिया। अब दोनों आरोपियों के स्थानीय संपर्कों और नेटवर्क की जांच की जा रही है। बरामद हथियारों को एफएसएल के लिए भेजा गया है।
पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया कि कार्रवाई में साहस और सतर्कता दिखाने पर बीट कांस्टेबल प्रकाश का नाम गैलेंट्री अवॉर्ड की सिफारिश के लिए भेजा जा रहा है।
इस ऑपरेशन में थाना अधिकारी देवेंद्र सिंह देवड़ा और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का मानना है कि अगर समय रहते यह कार्रवाई नहीं होती तो प्रदेश में एक बड़ी आपराधिक वारदात हो सकती थी।
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