Jodhpur Holi Shopping Thunder Tank Pichkari: जोधपुर के बाजारों में होली की खरीदारी शबाब पर है, जहां 100 से 5000 रुपये तक की पिचकारियां उपलब्ध हैं. इस बार ‘थंडर टैंक’ पिचकारी युवाओं और इवेंट आयोजकों के बीच मुख्य आकर्षण बनी हुई है, जिसमें एक बार गुलाल भरकर घंटों खेला जा सकता है. सरदारपुरा और बी रोड के बाजारों में फैंसी मास्क, विग और ऑर्गेनिक गुलाल की भारी मांग देखी जा रही है. ग्राहक अब केमिकल रंगों के बजाय सुरक्षित और प्राकृतिक रंगों को तवज्जो दे रहे हैं.
इस साल जोधपुर के बाजार में सबसे ज्यादा चर्चा ‘थंडर कलर टैंक’ की हो रही है. सरदारपुरा के व्यापारियों के अनुसार, यह एक ऐसा डिवाइस है जिसमें एक बार भारी मात्रा में गुलाल भरकर घंटों तक होली खेली जा सकती है. यह उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो रहा है जो ग्रुप में या बड़े आयोजनों (Events) में होली खेलना पसंद करते हैं. इसके अलावा, बाजार में बैटरी से चलने वाली म्यूजिक पिचकारी और एलईडी लाइट वाली गन मॉडल्स भी बच्चों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहे हैं. बी रोड स्थित दुकानदार आशीष ने बताया कि इस बार गन वाली पिचकारियों के साथ-साथ ऐसे थंडर टैंक आए हैं, जो क्लब और सोसाइटी की सामूहिक होली के लिए खरीदे जा रहे हैं. इन आधुनिक यंत्रों ने होली खेलने के अंदाज को और भी रोमांचक बना दिया है.
एक्सेसरीज और फैंसी आइटम की भारी मांग
पिचकारियों के अलावा, इस बार होली एक्सेसरीज का भी बाजार काफी गर्म है. दुकानों पर बच्चों के लिए सुपरहीरो मास्क, कार्टून फेस मास्क और रंग-बिरंगी विग (Wig) की सैकड़ों वैरायटी मौजूद हैं. युवाओं के लिए होली स्पेशल स्लोगन वाली टी-शर्ट, स्टाइलिश रंगीन चश्मे और फंकी कैप्स भी खूब बिक रहे हैं. पानी वाले गुब्बारों के साथ-साथ गुलाल स्प्रे और कलर स्प्रे की मांग भी तेज है. दुकानदारों का मानना है कि सामूहिक होली (Community Holi) का चलन बढ़ने से बड़े कलर पैक और हाई-प्रेशर गन की बिक्री में भारी इजाफा हुआ है. बाजार में चारों ओर बिखरे रंगों और शोर-शराबे ने उत्सव के माहौल को जीवंत कर दिया है.
ऑर्गेनिक रंगों और सुरक्षा पर जोर
बाजार में बढ़ती भीड़ के बीच ग्राहकों में जागरूकता भी देखने को मिल रही है. खरीदारी करने आईं प्रियंका जैसी जागरूक ग्राहकों का कहना है कि त्योहार की असली खुशी सुरक्षित तरीके से मनाने में ही है. बाजार में केमिकल युक्त रंगों की भरमार को देखते हुए लोग अब प्राकृतिक और ऑर्गेनिक गुलाल को प्राथमिकता दे रहे हैं. विशेषज्ञों और ग्राहकों का मानना है कि हर्बल गुलाल त्वचा और आंखों के लिए सुरक्षित होता है और इससे पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुंचता. व्यापारियों ने भी ग्राहकों की मांग को देखते हुए चंदन, गुलाब और अन्य फूलों से बने हर्बल रंगों का बड़ा कलेक्शन रखा है. कुल मिलाकर, जोधपुर का बाजार इस बार आधुनिकता और परंपरा के सुंदर संगम के साथ होली के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है.
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Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a seasoned multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience across digital media, social media management, video production, editing, content…और पढ़ें
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