जोधपुर की जोधपुर सेंट्रल जेल में आयोजित इफ्तार पार्टी के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामला सामने आते ही प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और जेल परिसर में विशेष तलाशी अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान जेल से कई मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए।
जेल अधीक्षक के नेतृत्व में चला तलाशी अभियान
जेल अधीक्षक प्रदीप लखावत के नेतृत्व में देर रात जेल परिसर में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। प्रशासन के अनुसार 13 मार्च को उच्च अधिकारियों के निर्देश पर एक बैरक में इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया था, जिसमें कई कैदियों को शामिल किया गया था। इसी दौरान कुछ कैदियों ने मोबाइल फोन से फोटो और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिए। इसके बाद वायरल फोटो के आधार पर कैदियों की पहचान कर जांच शुरू की गई।
वार्ड-7 की बैरक में आधुनिक उपकरणों से तलाशी
तलाशी अभियान के दौरान टीम ने वार्ड-7 की बैरक नंबर 3 में आधुनिक उपकरणों की मदद से जांच की। इस दौरान वहां से 7 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 4 कीपैड मोबाइल फोन और 11 सिम कार्ड बरामद किए गए। जांच में सामने आया कि मोबाइल फोन को जेल के शौचालय, फर्श और नालियों सहित अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखा गया था ताकि तलाशी के दौरान वे पकड़ में न आएं।
सोशल मीडिया पर साझा की गई थी सेल्फी
जेल सूत्रों के अनुसार कैदी वसीम खान, वहिद खान, शेखर, सुभाष और करीम ने इफ्तार पार्टी के दौरान सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर साझा की थी। बताया जा रहा है कि सेल्फी लेने वाला कैदी सलीम, वार्ड-10 की बैरक नंबर 2 में बंद नरपत पुत्र चौथाराम से मोबाइल फोन लेकर आया था।
अन्य बैरकों में भी मिलीं आपत्तिजनक वस्तुएं
जब तलाशी टीम ने नरपत की बैरक की जांच की तो उसके बिस्तर से बिना सिम कार्ड का एक मिनी कीपैड मोबाइल बरामद हुआ। वहीं कैदी करीम पुत्र सलीम के पास से रेडमी कंपनी का एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। इसके बाद जेल की अन्य बैरकों में भी तलाशी ली गई, जहां से अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखे गए कई मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए।
फिलहाल जेल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मोबाइल फोन जेल के अंदर कैसे पहुंचे और इसमें किन लोगों की भूमिका रही।
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