saumya chaurasia Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ की चर्चित पीसीएस अधिकारी सौम्या चौरसिया को हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत नहीं दी. भूपेश बघेल सरकार में सुपर सीएम कही जाने वाली सौम्या का नाम शराब से लेकर कोल लेवी स्कैम तक में है.
सौम्या चौरसिया ने साल 2008 में राज्य प्रशासनिक सेवा परीक्षा पास करके अधिकारी बनी थीं. यह भी कम दिलचस्प बात नहीं है कि वह सीनियर अधिकारी होने के बाद भी कलेक्टर नहीं बन सकी थीं. मतलब उनका आईएएस में प्रमोशन नहीं हुआ था. लेकिन भूपेश बघेल ने 17 दिसंबर 2018 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और तीसरे ही दिन सौम्या को सचिवालय में उप सचिव नियुक्त कर दिया गया.
शराब घोटाले में हुई गिरफ्तारी
प्रवर्तन निदेशालय ने 16 दिसंबर 2025 को सौम्या चौरसिया को शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार किया था. यह मामला प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉड्रिंग एक्ट 2002 के तहत दर्ज है. मतलब कि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच की जा रही है. ED के मुताबिक, इस घोटाले में राज्य को भारी वित्तीय नुकसान हुआ और लगभग 2500 करोड़ रुपये के अपराध से प्राप्त धन (Proceeds of Crime) का पता चला है. ED ने पाया कि सौम्या चौरसिया को लगभग ₹115 करोड़ के अवैध धन की प्राप्ति हुई, और वह सिंडिकेट की केंद्रीय समन्वयक (key coordinator) के रूप में काम कर रही थीं.
कोयला घोटाले में भी नाम
सौम्या चौरसिया का नाम किसी घोटाले में पहली बार नहीं आया है. इससे पहले उनका नाम 2022 में कोल-लेवी घोटाला सहित कुछ अन्य मामलों में भी आया था. जिसमें उनकी गिरफ्तारी भी हुई थी. हालांकि उन्हें बाद में सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई थी.
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प्रवीण सिंह साल 2015 से जर्नलिज्म कर रहे हैं. न्यूज18 हिंदी के करियर/एजुकेशन/जॉब्स सेक्शन में साल 2021 से काम कर रहे हैं. इन्हें फोटोग्राफी करने, किताबें पढ़ने, बाईक से लंबी यात्राएं करने का जुनून है. किताबों मे…और पढ़ें
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