Bihar News, cm Nitish Kumar Hijab Controversy: बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक कार्यक्रम के दौरान हिजाब को लेकर सुर्खियों में आईं मुस्लिम महिला डॉक्टर नुसरत परवीन ने आखिरकार अपनी सरकारी नौकरी ज्वाइन कर ली है.अब सवाल यह है कि नुसरत परवीन को कितनी सैलरी मिलेगी?
Ayush doctor Nusrat Parveen joins: ज्वाइन कर ली नौकरी
बिहार के हिजाब कांड से सुर्खियों में आईं मुस्लिम महिला डॉक्टर नुसरत परवीन ने सरकारी नौकरी जवाइन कर ली है. इस बात की पुष्टि बांका के सिविल सर्जन डॉ.अविनाश कुमार सिंह ने की. हालांकि कई मीडिया रिपोर्टस में कहा गया है कि इस संवेदनशील मामले पर सिविल सर्जन ने कैमरे के सामने कुछ बोलने से इनकार कर दिया,लेकिन ज्वाइनिंग की पुष्टि कर दी.जानकारी के मुताबिक नुसरत ने 7 जनवरी 2026 को ज्वाइनिंग प्रक्रिया पूरी की.
dr. Nusrat Parveen Jobs: ज्वाइनिंग की प्रक्रिया कैसे हुई?
सिविल सर्जन डॉ. अविनाश कुमार सिंह के अनुसार, नुसरत परवीन का मेडिकल चेकअप 6 जनवरी 2026 को पूरा हुआ था. मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद उन्होंने उसी दिन ज्वाइनिंग रिपोर्ट सौंप दी. कई रिपोर्ट्स में बताया गया कि वो सीधे विभाग में ज्वाइनिंग करने गईं. पोस्टिंग पटना सदर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या AYUSH विभाग से जुड़ी जगह पर हुई है.
Hijab girl Dr. Nusrat Parveen Salary: कितनी सैलरी और पोस्ट?
नुसरत को AYUSH डॉक्टर (यूनानी या आयुर्वेदिक) की पोस्ट पर नियुक्त किया गया है.बिहार में नए AYUSH डॉक्टर्स की शुरुआती सैलरी करीब 32,000 रुपये प्रति महीना होती है.हालांकि झारखंड सरकार ने विवाद के दौरान उन्हें 3 लाख रुपये मासिक सैलरी का ऑफर दिया था, लेकिन नुसरत ने बिहार में ही नौकरी ज्वाइन करने का फैसला किया.
कब निकली थी वैकेंसी?
बिहार में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत (Rashtriya Bal Swasthya Karyakram) आयुष डॉक्टरों की भर्तियां निकाली गईं थीं.इसके लिए नवंबर 2024 के आखिर में नोटिफिकेशन जारी हुआ था, जिसमें कुल 2619 पदों पर वैकेंसी के लिए आवेदन मांगे गए थे. इसके लिए आवेदन प्रक्रिया 1 दिसंबर 2024 से शुरू होकर 21 दिसंबर 2024 तक चली. इसमें आयुष चिकित्सक (आयुर्वेदिक) के 1411 पद, होम्योपैथिक के 706 पद और यूनानी के 502 पद शामिल थे. चयनित उम्मीदवारों को 32,000 रुपये प्रतिमाह सैलरी निर्धारित की गई थी. योग्यता के लिए आयुर्वेदिक में BAMS, होम्योपैथिक में BHMS और यूनानी में BUMS डिग्री मांगी गई थी.साथ ही इंटर्नशिप पूरी और बिहार काउंसिल में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है. ये भर्ती राज्य स्वास्थ्य सोसायटी बिहार ने NHM के तहत निकाली थी.
Nitish Kumar Hijab Controversy: पूरा विवाद क्या था?
पिछले महीने 15 दिसंबर 2025 बिहार सरकार के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में ये मामला गरमाया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंच पर डॉ. नुसरत परवीन को अपॉइंटमेंट लेटर दे रहे थे तभी उन्होंने उनके चेहरे से हिजाब हटाने की कोशिश की. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. विपक्ष खासकर RJD ने इसे महिला की निजता और धार्मिक पहचान से खिलवाड़ बताया. सियासी गलियारों में कई दिनों तक बवाल मचा रहा और नीतीश कुमार विपक्ष के निशाने पर रहे. विवाद के बाद नुसरत ने काफी दिनों तक ज्वाइनिंग नहीं की जिससे अटकलें लगीं कि वो नाराज हैं, लेकिन आखिरकार उन्होंने नौकरी ज्वाइन कर ली. ये मामला शिक्षा और नौकरी के क्षेत्र में महिला अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता की बहस का हिस्सा बन गया. अब नुसरत अपनी ड्यूटी पर लग गई हैं और विवाद शांत हो रहा है.
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न्यूज़18 हिंदी (Network 18) डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर के तौर पर कार्यरत. न्यूज 18 में एजुकेशन, करियर, सक्सेस स्टोरी की खबरों पर. करीब 15 साल से अधिक मीडिया में सक्रिय. हिन्दुस्तान, दैनिक भास्कर के प्रिंट व …और पढ़ें
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