मसूरी से बिहार तक हड़कंप: UPSC फर्जीवाड़े की पूरी कहानी
LBSNAA यानी आईएएस एकेडमी के गेट पर पहुंचते ही फर्जीवाड़े की पोल खुल गई. आरोपी युवक पुष्पेश सिंह बिहार के सारण (छपरा) जिले का रहने वाला बताया जा रहा है. वह पूरी तैयारी के साथ मसूरी पहुंचा था और उसे उम्मीद थी कि उसके जाली दस्तावेज असली की तरह ही काम करेंगे. जब सुरक्षाकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उसका अपॉइंटमेंट लेटर चेक किया तो उन्हें कुछ संदिग्ध लगा. जब यूपीएससी के पोर्टल पर उसके रोल नंबर का मिलान किया गया तो वहां उसका नामोनिशान नहीं था.
फर्जीवाड़े का हाईटेक तरीका
शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी युवक पुष्पेश सिंह ने यूपीएससी की पीडीएफ फाइल में हेरफेर किया था. उसने असली चयनित उम्मीदवार के नाम की जगह अपना नाम फिट कर दिया. आईएएस अफसर बनने के लिए इस शख्स ने फॉन्ट और डिजाइन को इतना सटीक रखा था कि पहली नजर में कोई भी धोखा खा जाए. इतना ही नहीं, उसने केंद्र सरकार के मुहर वाले फर्जी नियुक्ति पत्र भी तैयार कर लिए थे. उसे उम्मीद थी कि इनसे काम चल जाएगा.
LBSNAA की सुरक्षा और सतर्कता
लाल बहादुर शास्त्री प्रशासन अकादमी देश का वह स्थान है, जहां आईएएस अधिकारियों को गढ़ा जाता है. यहां सुरक्षा के कड़े मानक होते हैं. एकेडमी प्रशासन ने जैसे ही पुष्पेश सिंह का फर्जीवाड़ा पकड़ा तो तुरंत लोकल पुलिस को सूचना दी. मसूरी कोतवाली पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से मिले लैपटॉप और फोन जब्त कर लिए हैं. अब टेक्निकल डिवाइसेस सेॉ पता लगाया जा सकेगा कि इस जालसाजी में उसके साथ कोई गिरोह तो शामिल नहीं है.
आईएएस बनने का ‘शॉर्टकट’ पड़ा भारी
पुलिस के अनुसार, पुष्पेश सिंह को पूछताछ के लिए कोतवाली मसूरी लाया गया था. तब पता चला कि वह उच्च शिक्षा प्राप्त है और हरियाणा के गुरुग्राम में एक निजी कंपनी में कार्यरत है. पुष्पेश सिंह ने बताया कि गुरुग्राम में वो कुछ लोगों के संपर्क में आया था, जिन्होंने यूपीएससी की कथित लिखित परीक्षा दिलवाने और बाद में इंटरव्यू कराने के नाम पर उससे 2 किस्तों में 13 हजार और 14 हजार 564 रुपए लिए थे. इसके बाद उसे वॉट्सऐप पर फर्जी रिजल्ट लिस्ट भेजकर चयन होने और मसूरी अकादमी में ट्रेनिंग के लिए जाने का संदेश भेजा गया.
माता-पिता के साथ पहुंचा था मसूरी
सूचना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस तुरंत अकादमी पहुंच गई थी. साथ ही स्थानीय अभिसूचना इकाई (LIU) और खुफिया ब्यूरो (IB) की टीमों को भी तत्काल मौके पर बुलाया गया था. पुलिस पूछताछ में युवक ने स्वीकारा कि उसने समाज और परिवार में रुतबा हासिल करने के लिए यह कदम उठाया था. आरोपी अब सलाखों के पीछे है और उस पर जालसाजी (420), दस्तावेजों की कूटनी रचना (467, 468) जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं. वह अपने माता-पिता के साथ मसूरी आया था.
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.