अजमेर के जेएलएन की सर्जरी यूनिट ने गैस्ट्रिक ट्रांसेक्शन का देश का पहला ऑपरेशन कर नया कीर्तिमान बनाया है। इस तरह की सर्जरी विश्व में अब तक केवल छह बार हुई है। ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत में सुधार है। शनिवार को उसे पहली बार वार्ड से बाहर लाया गया। किशनगढ़ की मार्बल फैक्ट्री में काम करते नुरसेद (29) पर पत्थरों से लदी ट्रॉली पेट में धंस गई थी। पेट दो हिस्सों में फट गया और अंदरूनी अंग बाहर आ गए। कूल्हे की हड्डी व कई पसलियां टूटी थीं। सीटी स्कैन में आमाशय पूरी तरह फटा हुआ तथा तिल्ली व किडनी में गहरी चोट सामने आई। लेप्रोस्कोपिक व यूनिट हैड डॉ. अनिल शर्मा ने बताया कि सर्जरी के दौरान पेट में खून भरा मिला। आमाशय आगे से पीछे तक गोलाई में पूरी तरह फटा था। जिसे बारीकी से जोड़कर छोटी आंत में न्यूट्रिशन ट्यूब डाली गई। गोल्डन आवर में ट्रॉमा केयर मिलने से जान बच सकी। इसी यूनिट ने पूर्व में राजसमंद के एक सिपाही का तलवार से गर्दन कटने के बाद सफल उपचार किया था। सर्जरी टीम में डॉ. अनिल शर्मा, डॉ. पूर्णिमा सागर, डॉ. मेहुल सिंघल, डॉ. नमन सोमानी, डॉ. विपिन दीप सिंह, डॉ. कुलदीप, डॉ. ज्योति व डॉ. एकता शामिल रहे।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.