महवा विधायक राजेंद्र मीना ने विधानसभा में जलदाय विभाग से जुड़े मुद्दों पर सरकार को अवगत कराते हुए आगामी गर्मियों में लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने की योजना पर जवाब मांगा। विधायक ने विशेष रूप से महवा क्षेत्र में पूर्व सरकार के समय संचालित जल जीवन मिशन के कार्यों में भ्रष्टाचार और लापरवाही का मुद्दा उठाया। विधायक ने कहा कि भ्रष्टाचार के कारण आज भी क्षेत्र की जनता को “हर घर नल से जल” योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। कई कार्य न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण अधूरे पड़े हैं, जिससे आगामी गर्मियों में पेयजल संकट की गहराने की आशंका है। फर्जी दस्तावेजों से ठेका, फर्म ब्लैकलिस्ट विधायक ने पूरक प्रश्न में बताया कि मैसर्स गणपति ट्यूबवेल कंपनी एवं श्याम ट्यूबवेल कंपनी को कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों से पेयजल योजनाओं का ठेका दिया गया था। जांच के बाद दोनों फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया गया, लेकिन कंपनियों ने न्यायालय से स्टे ले लिया, जिसके चलते कार्य लंबे समय से बंद पड़े हुए हैं। ऐसे में करीब डेढ़ वर्ष से लंबित उच्च न्यायालय की अपील के बीच सरकार गर्मियों में जनता को पानी कैसे उपलब्ध कराएगी। सवाल का मंत्री ने दिया जवाब जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत पूर्व में कई कार्यों में लापरवाही और भ्रष्टाचार सामने आया है। मामलों की ईडी और सीबीआई द्वारा जांच की गई। 200 से अधिक अधिकारी दोषी पाए गए। 16 सीसी के तहत चार्जशीट जारी की गई। एसीबी में मुकदमे दर्ज कराने की अनुमति दी गई और प्रकरण दर्ज हो चुके हैं। कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया गया है। इनके द्वारा एक लाख से ज्यादा कनेक्शनों से जुड़े कार्य किए गए थे। मंत्री ने कहा कि मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के बावजूद सरकार दोषियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। गर्मियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था मंत्री ने स्पष्ट किया कि न्यायालयीन स्थिति को देखते हुए जहां कार्य लंबित हैं, वहां आगामी गर्मियों में सिंगल फेज ट्यूबवेल, पानी के टैंकर अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाओं के माध्यम से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.