जींद से सोनीपत के बीच चलने वाली देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का रनिंग ट्रायल बुधवार को जींद जंक्शन से शुरू हो गया। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी में ट्रेन को सोनीपत की ओर रवाना किया गया। टीम ट्रायल के दौरान इसकी गति, ब्रेकिंग सिस्टम, ईंधन खपत और सुरक्षा मानकों का बारीकी से निरीक्षण किया जाएगा। जानकारी अनुसार ट्रायल की तैयारियों में रेलवे की तकनीकी टीमें सुबह से ही जुटी हुई थीं। सुबह 7 बजे हाइड्रोजन ट्रेन को यार्ड से बाहर निकाला गया। सुरक्षा कारणों से इसे पहले डीजल इंजन की सहायता से हांसी रोड पुल के नीचे तक लाया गया। सुबह 8 बजकर 25 मिनट पर ट्रेन जींद जंक्शन से सोनीपत के लिए रवाना हुई। इस दौरान ट्रेन को जींद से पिंडारा और फिर भम्भेवा स्टेशन तक चलाकर परखा जा रहा है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ट्रायल के दौरान ट्रेन में सीमित मात्रा में हाइड्रोजन गैस भरी गई है। परीक्षण के दौरान इसके साथ लगे डीजल इंजन को अलग कर ट्रेन को पूरी तरह हाइड्रोजन गैस पर चलाकर देखा जाएगा। साथ ही तकनीकी टीम इंजन की गति, ब्रेकिंग सिस्टम, ईंधन की खपत और सिग्नलिंग सिस्टम के तालमेल का बारीकी से परीक्षण कर रही है। बता दें कि हाईड्रोजन ट्रेन 1 जनवरी को जींद पहुंची थी, लेकिन तकनीकी कारणों से इसके ट्रायल में देरी हुई। भीषण ठंड के कारण गैस में नमी आ गई थी, जिससे ईंधन भरने में दिक्कतें आ रही थीं। 5 जनवरी को लखनऊ से वायरिंग का सामान पहुंचने के बाद तकनीशियन लगातार इन खामियों को दूर करने में जुटे हुए थे। यदि यह ट्रायल सफल रहता है, तो जींद-सोनीपत ट्रैक पर इस आधुनिक ट्रेन के नियमित संचालन को जल्द मंजूरी मिल सकती है। यह ट्रेन जींद से सोनीपत की 90 किलोमीटर की दूरी मात्र 1 घंटे में तय कर सकेगी और इसकी अधिकतम गति 140 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। यह पूरी तरह प्रदूषण मुक्त रेल सेवा होगी, जो भारतीय रेलवे की ग्रीन एनर्जी नीति के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी।
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