जींद जिले के जुलाना कस्बे के वार्ड नंबर-6 में बैंक का लोन अदा न करने पर एक मकान को सील कर दिया गया। शुक्रवार को हुई इस कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासन की ओर से जुलाना की तहसीलदार शालिनी लाठर को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था, जिनकी देखरेख में यह पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई। जानकारी के अनुसार, वार्ड नंबर-6 निवासी सपना ने साल 2022, में बैंक से 7 लाख रुपए का लोन लिया था। यह लोन 10 साल की अवधि के लिए स्वीकृत किया गया था, जिसके लिए कुल 121 मासिक किस्तें निर्धारित की गई थीं। बैंक रिकॉर्ड के मुताबिक, लोन लेने के बाद उधारकर्ता द्वारा अब तक 1 लाख 95 हजार 597 रुपए ब्याज और 42 हजार 145 रुपए मूलधन के रूप में जमा करवाए गए थे। कई बार नोटिस भेजे गए रिजनल रिकवरी मैनेजर प्रतीक खत्री ने बताया कि उधारकर्ता को समय-समय पर किस्त जमा करवाने के लिए नोटिस जारी किए गए थे। कई बार व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर भुगतान करने के लिए कहा गया, लेकिन इसके बावजूद लोन की नियमित अदायगी नहीं की गई। 11.97 लाख रूपए हुई बकाया राशि उन्होंने बताया कि लगातार किस्तें बकाया रहने के कारण लोन पर ब्याज बढ़ता गया और कुल बकाया राशि 11 लाख 97 हजार 903 रुपए तक पहुंच गई। बैंक अधिकारियों के अनुसार, नियमानुसार अंतिम नोटिस देने के बाद भी जब बकाया राशि जमा नहीं करवाई गई, तो बैंक ने कानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए संपत्ति को कब्जे में लेने की कार्रवाई की। इसी के तहत मंगलवार को प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में मकान को सील कर दिया गया।
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