झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम स्थित सारंडा जंगल में सुरक्षा बलों ने ‘ऑपरेशन मेघाबुरु’ के तहत एक बड़ी नक्सल विरोधी कार्रवाई की है। इस अभियान में कुल 17 इनामी नक्सली मारे गए हैं। डीजीपी तादाशा मिश्रा ने इसे राज्य के इतिहास की सबसे बड़ी सफलता बताया है। मारे गए नक्सलियों में भाकपा (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी सदस्य पतिराम मांझी उर्फ अनल प्रमुख है। अनल पर 1 करोड़ रुपए का इनाम घोषित था और वह झारखंड, ओडिशा तथा छत्तीसगढ़ में संगठन का मुख्य रणनीतिकार था। डीजीपी ने पुष्टि की है कि मुठभेड़ में मारे गए सभी नक्सली इनामी थे। नक्सलियों के नेटवर्क को काफी हद तक ध्वस्त कर दिया यह अभियान कोबरा बटालियन, सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस के संयुक्त प्रयास से चलाया गया। खुफिया जानकारी के आधार पर दुर्गम सारंडा जंगलों में चलाए गए इस सर्च ऑपरेशन ने नक्सलियों के नेटवर्क को काफी हद तक ध्वस्त कर दिया है। मुठभेड़ स्थल से सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है। बरामद हथियारों में 04 एके/एकेएम राइफल, 04 इंसास राइफल, 03 एसएलआर और 03 राइफल (303) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, भारी मात्रा में जिंदा कारतूस और दैनिक उपयोग का सामान भी मिला है। डीजीपी तादाशा मिश्रा ने इस सफलता के लिए सुरक्षा बलों को पुरस्कृत करने की घोषणा की है। इसके अलावा, मारे गए नक्सलियों पर घोषित इनामी राशि भी अभियान में शामिल जवानों और अधिकारियों के बीच वितरित की जाएगी। डीजीपी ने कहा कि झारखंड को माओवाद मुक्त बनाने का अभियान जारी रहेगा और उग्रवादियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.