झारखंड में शीतलहर का असर लगातार बना हुआ है। राज्य के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान में खास बदलाव नहीं हुआ है। बुधवार को मेदिनीनगर (पलामू) प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका रहा। जहां न्यूनतम तापमान 1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं गुमला को दूसरा सबसे ठंडा जिला माना गया। जहां पारा 1.8 डिग्री तक पहुंच गया। पिछले 24 घंटे में यहां न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया, जबकि इससे पहले लगातार पांच दिनों तक गुमला में तापमान 2 डिग्री या उससे नीचे बना रहा। ठंड के कारण लोगों को सुबह और रात के समय कड़ाके की ठिठुरन झेलनी पड़ रही है। कई इलाकों में सर्द हवाओं के साथ कनकनी भी महसूस की गई, जिससे जनजीवन प्रभावित रहा। 15 जिलों में 10 डिग्री से नीचे है पारा राज्य के 15 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। इनमें पांच जिले ऐसे हैं, जहां पारा 5 डिग्री से भी नीचे चला गया। रांची में न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री, जमशेदपुर में 9.4, बोकारो में 5.5, डाल्टेनगंज में 4.7 और खूंटी में 3.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा लातेहार में 8.1, सरायकेला में 6.6, पश्चिमी सिंहभूम में 7.0, देवघर में 9.5 और धनबाद में 9.6 डिग्री तापमान रहा। ठंड के चलते सुबह-शाम सड़कों पर आवाजाही कम दिखी। गरीब, बुजुर्ग और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित नजर आए। कई जगहों पर लोग अलाव का सहारा लेते दिखे। 13 जिलों में शीतलहर का यलो अलर्ट मौसम विभाग, रांची केंद्र के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के प्रभाव से अगले तीन दिनों तक न्यूनतम तापमान में खास बदलाव की संभावना नहीं है। राज्य के उत्तर-पश्चिमी, मध्यवर्ती और दक्षिणी हिस्सों के 13 जिलों में शीतलहर चलने की आशंका जताई गई है। रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग, चतरा, पलामू, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा और जमशेदपुर में यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 18 जनवरी के बाद न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे ठंड से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
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