झज्जर मुठभेड़ मामले में नया मोड़ सामने आ गया है। इस मामले में शहर पुलिस के हेड कांस्टेबल की तरफ से अनट्रेस रिपोर्ट अदालत में दाखिल की हैं, जिसके बाद इस मामले को अदालत ने डिस्पोज कर दिया हैं। फिलहाल इस मामले में पूरे आर्डर अभी कोर्ट की वेवसाइट पर अपलोड नहीं हुए है। इस मामले का सोमवार को कोर्ट में रजिस्ट्रेशन हुआ और सोमवार को ही इस मामले पर सुनवाई हुई। सुनवाई में शहर पुलिस की तरफ से इस मामले में केस की अनट्रेस रिपोर्ट दाखिल की गई। इस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने इसे डिस्पोज कर दिया है। हालांकि इस बात की पुष्टि अभी किसी भी पुलिस अधिकारी की ओर से नहीं की गई है। ना ही इस मामले में पंकज के परिजनों की ओर से कोई बयान दिया गया। 15 जनवरी की रात का मामला यहां बता दें कि 15 जनवरी की रात को पुलिस को अवैध हथियार की सूचना मिली थी। इस पर पुलिस ने सांपला रोड बाईपास पर नाका लगाया था। कुछ देर में पुलिस को गाड़ी आती दिखाई दी थी। पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो चालक ने गाड़ी भगा ली थी।
सुर्खपुर मोड़ पर पुलिस कर्मी पर हुई थी फायरिंग इसके बाद सुर्खपुर मोड़ पर पुलिस ने गाड़ी को रुकवाया तो गाड़ी सवार ने पुलिस कर्मी पर फायरिंग कर दी थी, जिसमें पुलिस कर्मी प्रवीण घायल हो गया था। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात कार सवार पर केस दर्ज किया था। बाद में पुलिस ने खुलासा किया था कि इस मामले में एनकाउंटर हुआ हैं, जिसमें पंकज नाम के युवक को भी गोली लगी थी। पहले ही रोहित और नितेश को किया जा चुका रिहा इस मामले में पुलिस ने रोहित और नितेश को गिरफ्तार किया था जबकि पंकज को गोली लगने के कारण रोहतक पीजीआई रेफर किया था। बाद में इसकी एसआईटी ने जांच की। एसआईटी ने इस मामले में अच्छेज पहाड़ीपुर में हुए एनकाउंटर को गलत बताया था और रोहित और नितेश को क्लीनचिट दी थी। बेरी थाने की रिपोर्ट को किया था झज्जर में मर्ज इसके बाद अदालत से जमानत मिलने के बाद उनको जेल से छोड़ दिया था और बेरी के मामले को पुलिस ने शहर झज्जर केस में मर्ज कर दिया था। शहर थाना में दर्ज मामले में सोमवार को अदालत में सुनवाई हुई। इसमें शहर पुलिस ने इस केस को अनट्रेस बताया हैं, जिस पर अदालत ने केस को डिस्पोज कर दिया हैं। अभी फाइनल आर्डर वेबसाइट पर अपलोड नहीं किए गए हैं।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.