थांदला के युवा यश राठौड़ ने 30 किलोमीटर की दंडवत यात्रा पूरी कर झाबुआ में प्रदर्शन किया। 13 फरवरी को शुरू हुई यह यात्रा 22 फरवरी को जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंची, जिसका उद्देश्य गौ सेवा और सामाजिक सुधार पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना था। यात्रा के मार्ग में यश राठौड़ का जगह-जगह स्वागत हुआ। कलेक्टर कार्यालय पहुंचने पर माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब यश राठौड़ और उनके समर्थक अपनी मांगों को लेकर केवल कलेक्टर को ही ज्ञापन सौंपने पर अड़ गए। मौके पर संयुक्त कलेक्टर, तहसीलदार और टीआई सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे, लेकिन प्रदर्शनकारी मुख्य अधिकारी से ही ज्ञापन स्वीकार कराने पर अड़े रहे। इसी दौरान झाबुआ यूथ के विनय वर्मा ने घोषणा की कि यदि उनकी बात नहीं सुनी गई तो युवा अपने रक्त से ‘गोमाता राष्ट्र माता’ लिखेंगे। विरोध स्वरूप विनय वर्मा ने सिरिंज से अपना रक्त निकाला और सफेद कपड़े पर यह नारा लिखा। युवाओं ने अपना रक्त निकालकर अभियान को बढ़ाया इसके बाद हर तीन मिनट के अंतराल पर करीब 15 अन्य युवाओं ने भी अपना रक्त निकालकर इस अभियान को आगे बढ़ाया। अंततः स्थिति को संभालने के लिए एसपी डॉ. शिवदयाल सिंह मौके पर पहुंचे और युवाओं से ज्ञापन प्राप्त कर आंदोलन समाप्त कराया। यश राठौड़ और उनके साथियों की प्रमुख मांगों में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना, गौ माता को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा देना, पलायन रोकने के लिए रोजगार उपलब्ध कराना, बलात्कार जैसे अपराधों के लिए सीधे मृत्युदंड का प्रावधान करना और अवैध धर्मांतरण के विरुद्ध कठोर कानून बनाना शामिल है। ज्ञापन में जैन संतों और सतियाजी के विहार के दौरान उनकी सुरक्षा के लिए पुलिस गश्ती बढ़ाने और गौशाला निर्माण हेतु पर्याप्त भूमि आवंटन जैसे महत्वपूर्ण बिंदु भी उठाए गए।
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