जमुई के गरही थाना क्षेत्र अंतर्गत हरनी गांव में सोमवार की रात सरस्वती प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। मामूली कहासुनी से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते पथराव, आगजनी और मारपीट में बदल गया। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया है और मामला अब थाने तक पहुंच गया है। न्याय की मांग को लेकर एससी/एसटी थाना पहुंचे ग्रामीण घटना से आक्रोशित एक पक्ष के बड़ी संख्या में ग्रामीण पुरुष और महिलाएं न्याय की मांग को लेकर जमुई एससी/एसटी थाना पहुंचे। ग्रामीणों ने दूसरे पक्ष पर पथराव, अगजनी और मारपीट का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराने की मांग की। हालांकि, एससी/एसटी थाना से सभी ग्रामीणों को संबंधित गरही थाना भेज दिया गया। इससे ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई। ‘गरही थाना में नहीं मिली संतोषजनक सुनवाई’ एससी/एसटी थाना पहुंची महिला सोनमा देवी ने बताया कि वे लोग गरीब और कमजोर वर्ग से आते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वे लोग पहले गरही थाना में शिकायत लेकर पहुंचे तो पुलिस की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि इसके बाद मजबूरी में वे लोग एससी/एसटी थाना पहुंचे, लेकिन वहां से भी उन्हें फिर गरही थाना जाने को कहा गया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में कुछ ऐसे युवकों को नामजद किया गया है, जो घटना के समय गांव में मौजूद ही नहीं थे और बाहर काम करने गए हुए थे। विसर्जन जुलूस के दौरान हुआ विवाद दरअसल, हरनी गांव में सोमवार की रात सरस्वती प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक मोहल्ले से निकला जुलूस जब दूसरे मोहल्ले में पहुंचा, तभी किसी बात को लेकर दो पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले नोकझोंक हुई और फिर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। कुछ ही देर में माहौल तनावपूर्ण हो गया और पथराव शुरू हो गया। धान की पुंज और झोपड़ी में आग लगाने का आरोप ग्रामीणों का आरोप है कि विवाद के दौरान एक पक्ष ने धान की पुंज और एक झोपड़ी में आग लगा दी। आगजनी के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
भगदड़ की स्थिति में मां सरस्वती की प्रतिमा भी क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल बन गया और लोग अपने-अपने घरों में दुबक गए। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो घटना से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में पथराव और अफरातफरी के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, प्रशासन की ओर से वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन वायरल फुटेज ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लगाए आरोप एससी/एसटी थाना पहुंचे एक पक्ष के ग्रामीणों ने तांती समाज के लोगों पर पथराव, अगजनी और मारपीट का आरोप लगाया है। वहीं, दूसरे पक्ष ने तुरी समाज के लोगों पर हिंसा करने का आरोप लगाया है। दोनों पक्ष एक-दूसरे को घटना के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, जिससे सामाजिक तनाव और गहरा गया है। 17 लोगों पर एफआईआर, 8 गिरफ्तार मामले में गरही थाना अध्यक्ष विपिन चन्द्र पालटा ने ताजा जानकारी देते हुए बताया कि इस घटना को लेकर कुल 17 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
उन्होंने बताया कि अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि अन्य की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। थाना अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है और किसी भी निर्दोष व्यक्ति पर कार्रवाई नहीं की जाएगी। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। गांव में तनाव, पुलिस कर रही निगरानी घटना के बाद हरनी गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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