जामताड़ा जिला परिषद अध्यक्ष राधा रानी सोरेन को अविश्वास प्रस्ताव के बाद पद से हटा दिया गया है। 19 उपस्थित सदस्यों में से 18 ने अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में मतदान किया, जबकि एक सदस्य ने कोरा पेपर डाला। इस मतदान के बाद राधा रानी सोरेन को अपना पद छोड
यह अविश्वास प्रस्ताव जिला परिषद सदस्य दीपिका बेसरा द्वारा राधा रानी सोरेन के विरुद्ध लाया गया था। नियमानुसार, उपस्थित सदस्यों के तीन-चौथाई वोट के बाद उन्हें पद से विमुक्त किया गया।
इस अविश्वास प्रस्ताव में कुल 23 लोगों को मतदान करना था। इनमें जामताड़ा जिले के तीन विधायक, एक सांसद, 14 जिला परिषद सदस्य और 6 प्रमुख शामिल थे। हालांकि, एक जिला परिषद सदस्य श्यामलाल हेंब्रम के निधन के कारण एक पद रिक्त था।
मतदान प्रक्रिया में स्वास्थ्य, खाद्य आपूर्ति एवं आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और दुमका लोकसभा के सांसद नलिन सोरेन ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
तीन उपायुक्त बदले गए लेकिन कभी भी मीटिंग नहीं बुलाई गई
बताते हैं चले की पूर्व जिप अध्यक्ष राधा रानी सोरेन पर आरोप था कि जामताड़ा में तीन उपायुक्त बदले गए लेकिन कभी भी मीटिंग नहीं बुलाई गई। इसके साथ ही प्रत्येक माह बैठक होनी थी, जो नहीं बुलाई जाती थी। इसके अलावा अपने सदस्यों के साथ मिलजुल कर नहीं चलती थी, जिसके विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाया गया।
वहीं, तमाम आरोपों को लेकर राधा रानी सोरेन ने कहां की डीसी का कहना था कि मेरे हॉल में बैठक कीजिए। उनका कहना है कि मुझे भी वोटिंग हाल में बैठना चाहिए था। हमको कैसे पता चलेगा कि किसने वोट किया है। 18 लोगों ने अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में वोट किया हैं।
पूरी प्रक्रिया पूरी समिति के समक्ष हुई है: उपायुक्त
इन आरोपों को लेकर उपायुक्त रवि आनंद ने कहा कि इस प्रकार के सभी आरोप निराधार है। पूरी प्रक्रिया पूरी समिति के समक्ष हुई है और वीडियोग्राफी भी की गई है अगर उन्हें किसी भी प्रकार का संदेह है तो वह माननीय न्यायालय में अपनी याचिका दर्ज कर सकती है। वहीं आगे उपायुक्त ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था, जहां मत पत्र डाले गए और उसकी मतगणना भी की गई।
20 लोग इस पूरी की प्रक्रिया में शामिल हुए जिसमें से 19 ने वैध रूप से अपना मत डाला, अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 18 मत प्राप्त हुए। एक मत तठठास्त रहा वह किसी के भी पक्ष में वोट नहीं किया। तीन चौथाई से अधिक मत प्राप्त होने के कारण उन्हें पद से हटाया गया।
वहीं, सांसद नलिन सोरेन ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था आज मतदान था जिसमें वर्तमान जिला परिषद अध्यक्ष राधा रानी सोरेन हार गईं। मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि कई दिनों से अविश्वास प्रस्ताव को लेकर गहमा गहमी का माहौल था। सभी ने अपने मत का उपयोग किया और इस तरह वर्तमान अध्यक्ष को पद से हटाया गया। पुनः एक बार चुनाव होगा और सभी मिलकर फिर जिला परिषद का चुनाव करेंगे।
मंत्री ने कहा कि सभी सदस्य उनसे नाखुश थे, जिसके कारण यह अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। इस मौके पर जिप सदस्य सुरेंद्र मंडल, समाजसेवी प्रदीप मंडल, दीपिका बेसरा आदि कई लोग मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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