घरेलू स्वाद से बनी पहचान
गोविंद जी बताते हैं कि उनका यह काम आज का नहीं, बल्कि खानदानी व्यवसाय है. वे मूल रूप से साहिबगंज के रहने वाले हैं. गांव में आज भी उनके परिवार के लोग पारंपरिक तरीके से अचार तैयार करते हैं. वहीं से अचार बनकर जमशेदपुर आता है और फिर प्लाजा मार्केट की इस छोटी सी दुकान से बड़े प्यार से ग्राहकों तक पहुंचता है. यही घरेलू स्वाद उनकी पहचान बन चुका है.
रागी और ज्वार के भी पापड़
पापड़ की बात करें तो यहां सिर्फ साधारण पापड़ नहीं, बल्कि अलग-अलग स्वाद और सामग्री से बने खास पापड़ मिलते हैं. चावल, बीट, राजी (रागी) और ज्वार जैसी चीजों से तैयार पापड़ स्वाद के साथ अलग बनावट भी देते हैं. इसके अलावा पंजाबी तड़का, मैक्स चिली, प्याज और लहसुन फ्लेवर के पापड़ ग्राहकों की खास पसंद हैं. साथ ही घर में बनी बड़ी और साबूदाना पापड़ की भी कई वैरायटी यहां उपलब्ध है.
30 से ज्यादा किस्म के अचार
अब बात अचार की करें, तो यहां मानो स्वाद का खजाना ही खुल जाता है. गोविंद जी के पास 30 से भी ज्यादा किस्म के अचार मिलते हैं. इनमें मिक्स अचार, अदरक, लहसुन, आम, अमरूद, खजूर, अमावट, लसोड़ा जैसे अनोखे स्वाद शामिल हैं. हर अचार में मसालों का संतुलन ऐसा होता है कि खुशबू से ही मुंह में पानी आ जाता है.
सादी रोटी भी दावत
कीमत भी जेब पर भारी नहीं पड़ती. अचार की शुरुआत 250 ग्राम के लिए 50 रुपए से हो जाती है, जिससे हर कोई इसे अपने खाने का हिस्सा बना सकता है. ग्राहक मजाक-मजाक में कहते हैं कि “अगर गोविंद जी का अचार साथ हो, तो सादी रोटी भी दावत बन जाती है.”
स्वाद, परंपरा और भरोसे का यह मेल ही गोविंद जी की दुकान को खास बनाता है. यही वजह है कि प्लाजा मार्केट में उनकी दुकान सिर्फ खरीदारी की जगह नहीं, बल्कि स्वाद प्रेमियों का अड्डा बन चुकी है.
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