संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Mon, 12 Jan 2026 12:37 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Mon, 12 Jan 2026 12:37 AM IST
साल 2017 का राजबाग थाना क्षेत्र का धलोटी मोड़ का मामला
कठुआ। न्यायिक मजिस्ट्रेट हीरानगर ने आठ साल पुराने लापरवाही और तेज गति से वाहन चालने मामले में आरोपी को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है। आदेश के अनुसार मामले में प्रस्तुत गवाहों के बयानों को कोर्ट ने असंगत और कमजोर बताया। अदालत ने कहा कि आरोपी के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला जिससे उसे दोषी ठहराया जा सके।
कोर्ट में दायर चालान के अनुसार मामला वर्ष 6 जुलाई 2017 का राजबाग थाने के अंतर्गत क्षेत्र धलोटी मोड़ का है। इसमें के स्विफ्ट कार के चालक धमन दीप पुत्र जोगिंद्र सिंह निवासी अमृतसर पर आरोप था कि उसने लापरवाही से वाहन चलाते हुए मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी। इसमें मोटर साइकिल सवार विजय कुमार निवासी बग्याल कठुआ और कार सवार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल कठुआ में भर्ती करवाया गया। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच कर आरोपी कार चालक के खिलाफ आरपीसी की धारा 279, 337 और 338 के तहत मामला दर्ज कर चालान को कोर्ट में 24 अक्टूबर को पेश किया था। आरोपी के सीआरपीसी की धारा 242 के तहत कोर्ट में 9 दिसंबर 2017 को बयान दर्ज किए गए। इसमें उसने आरोपों से इनकार किया और ट्रायल की मांग की। इसके बाद अदालत ने अभियोजन पक्ष को सबूत पेश करने का निर्देश दिया था। अभियोजन पक्ष ने 9 गवाहों में से चार के बयान दर्ज करवाए गए। इसमें गवाह खेम राज ने आरोपी की पहचान नहीं कर सका जबकि कौशल कुमार ने पहले कहा कि घटना देखी लेकिन जिरह में स्वीकार किया कि वह मौके पर बाद में पहुंचा था। गवाह रामेश चंद ने दावा किया कि कार पंजाब से आ रही थी जबकि अभियोजन का दावा था कि कार जम्मू से जा रही थी और मामले में पीड़ित विजय कुमार ने कहा कि हादसे के बाद बेहोश हो गए था और उसने आरोपी को नहीं देखा था। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने में असफल रहा और गवाहों के बयान असंगत और कमजोर है। इसके आधार पर आरोपी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है। इसके बाद अदालत ने आरोपी के जमानती व व्यक्तिगत बांड खारिज कर आरोपी को बरी करने का फैसला सुनाया।
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