घरेलू क्रिकेट की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिता रणजी ट्रॉफी में जम्मू-कश्मीर ने इस सत्र में शानदार प्रदर्शन कर सेमीफाइनल तक का सफर तय कर लिया है। पिछले रणजी सत्र में क्वार्टर फाइनल मुकाबले में एक रन से चूके जम्मू-कश्मीर के धुरंधरों ने इस बार पलटवार कर पूर्व चैंपियन मध्य प्रदेश की टीम को उसके घरेलू मैदान में मात दे दी।
इस उपलब्धि के पीछे पूरी टीम, सहयोगी स्टाफ और प्रबंधन का परिश्रम झलकता है लेकिन खेल के मैदान पर छह खिलाड़ियों ने ऐसी छाप छोड़ी कि हर कोई उनकी प्रतिभा का कायल हो गया। इन धुरंधरों ने बल्ले और गेंद से निर्णायक योगदान दिया। कभी शीर्ष क्रम ने रन बनाए तो कभी गेंदबाजों ने विपक्षी टीमों को घुटनों पर ला दिया।
कप्तानी, आक्रामक बल्लेबाजी, ऑलराउंड प्रदर्शन और घातक गेंदबाजी के संतुलन ने जम्मू-कश्मीर को 66 साल बाद रणजी के सेमीफाइनल तक पहुंचाया। अब तक के सफर में टीम ने कई कठिन परिस्थितियों का सामना किया लेकिन इन खिलाड़ियों ने जिम्मेदारी संभालते हुए मैच की दिशा बदल दी। खासकर नॉकआउट मुकाबलों में उनका प्रदर्शन टीम के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ। यही वजह रही कि जम्मू-कश्मीर ने मजबूत टीमों को पीछे छोड़ते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाकर घरेलू क्रिकेट में अपनी अलग पहचान दर्ज कराई।