किश्तवाड़ जिले के छात्रू में जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर सैफुल्लाह और उसके सात खूंखार साथियों को मौत के घाट उतारने के बाद सुरक्षाबलों के हौसले बुलंद हैं। इस बड़ी कामयाबी के बाद अब सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकवाद के खिलाफ अपना अगला बड़ा लक्ष्य तय कर लिया है। जम्मू संभाग में सक्रिय 20 विदेशी आतंकी सुरक्षाबलों और खुफिया एजेंसियों के निशाने पर हैं। इनके सफाए के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है।
आईजीपी जम्मू भीम सेन टूटी ने कहा कि सक्रिय आतंकियों की संख्या बता पाना मुश्किल काम है। ये लगातार मूवमेंट करते रहते हैं। कभी एक इलाके में दिखता है तो कभी दूसरा। हालांकि हमारे अनुमान के तहत 20 विदेशी आतंकी सक्रिय हैं। यह आतंकवादी कठुआ से लेकर किश्तवाड़ तक के दुर्गम और पहाड़ी इलाकों में सक्रिय हैं। वे घने जंगलों की आड़ में अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। इन आतंकियों के अलावा किश्तवाड़ जिले में ही तीन पुराने स्थानीय आतंकी भी सक्रिय हैं।
आईजीपी टूटी ने कहा कि ये आतंकी दो दशकों से सक्रिय हैं। 2018 से 2020 के बीच किश्तवाड़ में कुछ स्थानीय युवक आतंकवादी बनी थे जिन्हें समय रहते सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया था। उन्होंने कहा, अब स्थानीय आतंकियों के साथ नहीं हैं। इस लिए अच्छे से ऑपरेशन चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस, सेना और सीआरपीएफ का संयुक्त इंटेलिजेंस ग्रिड अब सक्रिय आतंकियों की सटीक लोकेशन का पता लगाने में लगा है।
आतंक के समूल सफाये तक चलेगा ऑपरेशन
आईजीपी ने कहा कि सुरक्षाबलों का ऑपरेशन आखिरी आतंकी के तक के सफाये तक चलेगा। छात्रू में मिली सफलता ने यह साबित कर दिया है कि सुरक्षाबल किसी भी मौसम और भौगोलिक चुनौती को मात देकर आतंकियों को उनके अंजाम तक पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा, आने वाले दिनों में कुछ और बड़े ऑपरेशन होंगे।
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