जालंधर के महतपुर ब्लॉक के अंतर्गत आते गांव बूटे दियां छन्नां के सरपंच महिंदर सिंह (62) की नशा तस्करों द्वारा किए गए हमले में इलाज के दौरान मौत हो गई। सरपंच ने गांव में नशा बेचने का विरोध किया था, जिससे रंजिश रखते हुए तस्करों ने उन पर तेजधार हथियारों से हमला किया था।
इस मामले में पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महतपुर थाने के हेड मुंशी सुखबीर सिंह को सस्पेंड कर दिया है। मुंशी पर आरोप है कि वह नशे से जुड़ी गुप्त सूचनाएं तस्करों तक पहुंचाता था। फिलहाल पुलिस मुख्य आरोपी राजा और उसके साथियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाना एक बुजुर्ग सरपंच को भारी पड़ गया। गांव बूटे दियां छन्नां के सरपंच महिंदर सिंह लंबे समय से गांव के युवाओं को नशे की दलदल से बचाने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने गांव में सक्रिय नशा तस्करों का कड़ा विरोध किया था। इसी रंजिश के चलते 28 फरवरी को नशा तस्कर राजा ने अपने साथियों के साथ मिलकर सरपंच पर जानलेवा हमला कर दिया। हमला इतना घातक था कि सरपंच महिंदर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह सात दिनों तक जिंदगी और मौत की जंग लड़ते रहे। आखिरकार उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। सरपंच की मौत की खबर फैलते ही इलाके में भारी रोष व्याप्त हो गया। थाने के मुंशी पर गिरी गाज सरपंच की मौत के बाद इंसाफ की मांग को लेकर परिजनों और ग्रामीणों ने महतपुर थाने के बाहर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि थाने का हेड मुंशी सुखबीर सिंह नशा तस्करों का मुखबिर बना हुआ था।
आरोप है कि जब भी ग्रामीण या सरपंच नशे की तस्करी के बारे में थाने में कोई सूचना देते थे, तो मुंशी सुखबीर सिंह वह जानकारी कथित तौर पर आरोपियों को लीक कर देता था। इससे तस्करों के हौसले बुलंद थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी सुखपाल सिंह ने रिपोर्ट एसएसपी को भेजी, जिसके बाद हेड मुंशी को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस की कार्रवाई थाना प्रभारी पंकज कुमार ने बताया कि सरपंच के शव का पोस्टमार्टम बुधवार को करवाया जा रहा है। पुलिस ने इस हत्याकांड में कुल 8 लोगों को नामजद किया है। पुलिस की मुस्तैदी के चलते अब तक दो आरोपियों, सुखजीत सिंह और अरमान को गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि, मुख्य हमलावर और साजिशकर्ता सौदागर राजा अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। इसके अलावा गोपी वालिया, शमशेर सिंह और बाबा ठंडी की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। गांव में तनावपूर्ण शांति सरपंच की मौत के बाद गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोगों में नशा तस्करों के खिलाफ भारी गुस्सा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक मुख्य आरोपी राजा की गिरफ्तारी नहीं होती और नशे के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त नहीं किया जाता, उनका संघर्ष जारी रहेगा। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
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