जालंधर फिल्लौर बाईपास पर लुधियाना जा रही एक सवारियों से भरी निजी बस रविवार सुबह बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। अचानक हुई इस दुर्घटना से बस में बैठे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार सुनाई देने लगी। गनीमत रही कि समय रहते सभी यात्र
कैसे हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार लिबरा ट्रांसपोर्ट कंपनी की यह बस होशियारपुर से यात्रियों को लेकर लुधियाना की ओर जा रही थी। बाईपास के पास अचानक बस में तकनीकी खराबी आ गई। ड्राइवर कुलदीप सिंह के मुताबिक उन्होंने बस पर नियंत्रण रखने की कोशिश की लेकिन स्टीयरिंग के लॉक जैसी खराबी के कारण बस संतुलन खो बैठी।
अनियंत्रित बस पहले सड़क के बीच लगे लोहे के बैरिकेड तोड़ते हुए जालंधर की ओर जाने वाले मार्ग पर चढ़ गई। तत्पश्चात बस सड़क के बीच बने डिवाइडर पर फंसकर रुक गई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
यात्री सुरक्षित, मौके पर चीख-पुकार का माहौल
हादसा होते ही बस में बैठे कई यात्री घबरा गए। कुछ देर तक बस के अंदर भगदड़ जैसे हालात बन गए। स्थानीय लोगों की मदद से सभी यात्रियों को सुरक्षित उतारा गया। बस में सवार किसी भी यात्री को चोट नहीं आई है।
सड़क सुरक्षा फोर्स ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही सड़क सुरक्षा फोर्स के इंचार्ज सरबजीत सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत क्रेन बुलाकर सड़क पर फंसी बस को हटवाया और कुछ ही देर में हाइवे पर यातायात सुचारू कर दिया।
उन्होंने बसों की हालत पर चिंता जताते हुए कहा आजकल हर दूसरे दिन कोई न कोई बस सड़क हादसे का शिकार हो रही है। अधिकांश बसें पुराने मॉडल की हैं, जिनकी लाइफ भी निकल चुकी होती है। ट्रांसपोर्ट विभाग को चाहिए कि ऐसी बसों की नियमित जांच की जाए और जिनकी मंजूरी खत्म हो चुकी हो, उन्हें तुरंत इंपाउंड किया जाए।
लापरवाही बनी जानलेवा, सख्त जांच की जरूरत
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुराने वाहनों पर कार्रवाई न होने से सड़क पर दौड़ रही कई बसें यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा बनी हुई हैं। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि इस घटना के बाद ट्रांसपोर्ट विभाग बसों की फिटनेस जांच को लेकर और सख्त कदम उठाएगा।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.