नकोदर क्षेत्र के नूरमहल के गांव बिलगा पट्टी नीलोवाल में मां-बेटी ने फाइनांसर पर घर से निकालने के आरोप लगाए।महिला का आरोप है कि उसके घर पर जबरन कब्जा किया गया है। महिला ने इसे लेकर पुलिस को शिकायत देकर मांग की है उसका घर फाइनेंसर के कब्जे से मुक्त किया जाए।
महिला ने पुलिस को दी शिकायत में ये भी आरोप लगाया कि उसके बने बनाए मकान को तोड़ा गया और अंदर से सामान भी उठा लिया गया। महिला ने शिकायत में गुरनाम फाइनेंस कंपनी बिलगा के मालिक हरमिंदर पाल उर्फ बिल्ला पर आरोप लगाए हैं। फाइनांसर हरमिंदर पाल उर्फ बिल्ला ने महिला के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उसने कहा कि जसदीप कौर के घर में न तो तोड़फोड़ की गई है और न ही सामान उठाया गया है। महिला के सभी आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि जसदीप कौर ने बहन को विदेश भेजने के लिए 4 लाख रुपए लिए हैं। इसका उनके पास परिवार के हस्ताक्षरों के साथ लिखित सबूत हैं। पुलिस ने कहा-जसदीप कौन ने खुद कब्जा दिया
बिलगा थाना के जांच अधिकारी एएसआई चरणजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने दोनों पक्षों को थाने बुलाया था। हरमिंदर पाल उर्फ बिल्ला ने 4 लाख रुपए के कागजात पेश कर घर पर कब्जा लेने का दावा किया। जसदीप कौर ने अपनी शिकायत में स्वीकार किया कि उन्होंने अपनी बहन को विदेश भेजने के लिए 4 लाख रुपए लिए थे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जसदीप कौर ने खुद ही कब्जा दिया है।
किसान यूनियन मां बेटी के पक्ष में उतरी
इस मामले में किरती किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष संतोख सिंह संधू ने मां-बेटी के पक्ष में उतरते हुए चेतावनी दी कि पुलिस मां-बेटी को उसका घर वापस दिलाए। अगर घर न दिलाया जाता तो पुलिस स्टेशन पर प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि वे मां-बेटी को घर से बाहर नहीं निकलने देंगे।
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