जलालाबाद के कोर्ट कॉम्प्लेक्स से तस्वीरें सामने आई हैं, जहां आज स्थानीय बार रूम में एकत्र हुए वकील भाईचारे द्वारा रोष प्रदर्शन शुरू कर दिया गया है, और धरना दिया गया है। वकील प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं और मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए रोष प्रदर्शन कर रहे हैं। वकीलों का आरोप है कि अधिकारियों द्वारा उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया है, जबकि प्रशासन का तर्क है कि मामले को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। बार एसोसिएशन के प्रधान अशोक कंबोज ने बताया कि उनके वकील भाईचारे के सदस्य की प्रापर्टी की एक रजिस्ट्री थी, जिसे करवाने के लिए वह तहसीलदार से मिले। उन्होंने रजिस्ट्री करने से मना कर दिया। इसके बाद एसडीएम साहब के साथ उनकी मीटिंग हुई। उन्होंने कहा कि मीटिंग के दौरान वकील भाईचारे के लोगों से गलत शब्दावली का इस्तेमाल किया गया, जिसको लेकर उनमें रोष पाया जा रहा है। वहीं उन्होंने कहा कि बाद में भी बैठक का बोलकर नहीं बुलाया गया।
झूठे तथ्यों के आधार पर कराई एफआईआर उन्होंने कहा कि उनके बार सदस्यों के खिलाफ एक एफआईआर झूठे तथ्यों के आधार पर की गई थी, जिसमें उनके द्वारा जमानत अर्जी दायर की गई तो अदालत ने भी इसे झूठा क़रार दिया है लेकिन उसका कोई समाधान नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा कि इसके इलावा एक जमीन के हिस्से का मामला और एक बार मेंबर के प्रापर्टी में हुए इकरारनामे के बाद प्रापर्टी के रेट बढ़ने पर दूसरी पार्टी ने बड़े रेट की मांग की। पुलिस ने भी नहीं की कोई सुनवाई इस मामले को पुलिस तक पहुंचाया गया तो जिसपर भी कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसे मामलों को लेकर वह रोष में आकर उनके द्वारा धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें खुद ही इंसाफ नहीं मिल रहा तो लोगों को कैसे इंसाफ देंगे। उधर जलालाबाद के एडीएम कंवरजीत सिंह मान ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एक रजिस्ट्री का इश्यू था, जिस मामले को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है।
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