Rajasthan News : राजस्थान में SIR अभियान के नाम पर साइबर ठग तेजी से सक्रिय हो गए हैं, जो फर्जी लिंक भेजकर लोगों से निजी जानकारी और पैसे हड़प रहे हैं. डीजीपी साइबर ने चेतावनी दी है कि SIR प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है और किसी भी लिंक, कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें. ठग ओटीपी और आधार विवरण पूछकर फिशिंग के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं. सुरक्षित रहने के लिए सिर्फ सरकारी पोर्टल और बीएलओ से संपर्क करने की सलाह दी गई है.
डीजीपी अग्रवाल ने बताया कि ठग एक फर्जी लिंक भेजकर उसे SIR फॉर्म से जोड़ देते हैं. लिंक खोलने के बाद ठग प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर ओटीपी, आधार नंबर, व्यक्तिगत जानकारी या कथित “प्रोसेसिंग फीस” मांगते हैं. SIR प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है, लेकिन साइबर अपराधी लोगों को भ्रमित कर उनसे धन और गोपनीय जानकारी चुरा रहे हैं. यह संपूर्ण गतिविधि धोखाधड़ी और फिशिंग का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य जनता को आर्थिक नुकसान पहुंचाना है.
सुरक्षित रहने के लिए 5 अहम उपाय- डीजीपी ने बताए
साइबर ठगी से बचने के लिए आमजन को निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है.
- सीधे अपने बीएलओ से मिलें: किसी भी कॉल, लिंक या मैसेज पर भरोसा न करें. फॉर्म भरने और जमा करने के लिए बीएलओ से संपर्क करें.
- केवल आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग करें: SIR या वोटर कार्ड अपडेट के लिए सिर्फ ‘.gov.in’ या ‘eci.gov.in’ डोमेन पर भरोसा करें. प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है.
- गोपनीय जानकारी साझा न करें: कोई भी अधिकारी फोन, मैसेज या लिंक पर ओटीपी, आधार नंबर, बैंक विवरण नहीं मांगता.
- सुरक्षित URL पहचानें: किसी भी वेबसाइट पर विवरण भरने से पहले https और एड्रेस बार में लॉक आइकन अवश्य देखें.
- साइबर कैफे में सावधानी बरतें: काम पूरा होने पर हिस्ट्री, कैश डिलीट करें, ऑटो-सेव पासवर्ड न चुनें और अनिवार्य रूप से लॉगआउट करें.
नाम जांचने का आधिकारिक लिंक
जनता https://voters.eci.gov.in/searchInSIR/S2UA4DPDF-JK4QWODSE https://voters.eci.gov.in/searchInSIR/S2UA4DPDF-JK4QWODSE पर अपना नाम Electoral Roll 2002/2003 में देख सकती है. यह आधिकारिक और सुरक्षित लिंक है.
ठगी हो तो तुरंत करें शिकायत
यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी का प्रयास होता है तो वह तुरंत निकटतम पुलिस थाने, साइबर पुलिस स्टेशन या राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करे. इसके अलावा https://cybercrime.gov.in](https://cybercrime.gov.in पोर्टल और साइबर हेल्प डेस्क नंबर 9256001930 एवं 9257510100 पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है.
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नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
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