विधानसभा में छींटाकशी और हंगामा
विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान उस वक्त हंगामे की स्थिति बन गई, जब भाजपा विधायक शंकर सिंह रावत के बयान पर कांग्रेस ने कड़ा ऐतराज जताया. रावत ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसके शासनकाल में योजनाओं का नामकरण केवल गांधी परिवार के नाम पर किया गया. उन्होंने इंदिरा गांधी के नाम पर नहर और राजीव गांधी सेवा केंद्र का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर कोई योजना नहीं बनाई. इस दौरान सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिली.
राहुल गांधी पर टिप्पणी से भड़की कांग्रेस
भाजपा विधायक शंकर सिंह रावत के संबोधन के दौरान राहुल गांधी को लेकर की गई टिप्पणी से विधानसभा में माहौल गरमा गया. रावत ने अपने भाषण में कहा कि राहुल गांधी अब ‘पप्पू’ नहीं रहे और उनके हाथ पीले कर देने की बात कही. इस बयान को लेकर कांग्रेस विधायकों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया और सदन में लगातार नारेबाजी शुरू कर दी. कांग्रेस विधायकों का कहना था कि यह टिप्पणी अशोभनीय है और सदन की गरिमा के खिलाफ है, जिसके चलते सदन में शोर-शराबा बढ़ गया.
बच्ची से दुष्कर्म के मुद्दे पर कांग्रेस का प्रदर्शन
सदन की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस विधायकों ने 8 साल की बालिका से दुष्कर्म के मामले को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. कांग्रेस विधायकों ने हाथों में पोस्टर लहराते हुए ‘बीजेपी हटाओ, बेटी बचाओ’ और ‘नारे नहीं, न्याय चाहिए’ जैसे नारे लगाए. कांग्रेस का आरोप था कि प्रदेश में बेटियों की सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर नहीं है. नारेबाजी और प्रदर्शन के चलते सदन में कुछ देर के लिए अव्यवस्था की स्थिति बन गई, जिससे कार्यवाही प्रभावित हुई.
खाद्य सुरक्षा पर रविंद्र सिंह भाटी का सवाल
जयपुर में शिव से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने विधानसभा में खाद्य सुरक्षा योजना से जुड़े अपात्रता और वंचित परिवारों का मुद्दा जोर-शोर से उठाया. उन्होंने बाड़मेर जिले में सूची से हटाए गए परिवारों की संख्या पर सरकार से जवाब मांगा और पीडीएस के तहत मिलने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता व अनियमितताओं पर चिंता जताई. भाटी ने कहा कि शिव क्षेत्र में आज भी कई जरूरतमंद परिवार योजना से बाहर हैं और वंचित पात्रों के शीघ्र सर्वे की मांग की.
खाद्य सुरक्षा योजना पर बयान
जयपुर में विधानसभा के बजट सत्र के दौरान खाद्य आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने खाद्य सुरक्षा योजना को लेकर अहम जानकारी दी. उन्होंने बताया कि प्रदेश में 54.5 लाख लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा सूची से अपने नाम हटवाए हैं, जबकि बीते दो वर्षों में 73.5 लाख नए लाभार्थियों को योजना से जोड़ा गया. मंत्री ने कहा कि फिलहाल 11 लाख रिक्त स्थान उपलब्ध हैं, जिन पर पात्र लोगों को लाभ दिया जाएगा. अब तक 50 हजार नए आवेदन प्राप्त हो चुके हैं और नियमों के अनुसार जोड़ने की प्रक्रिया जारी है.
राज्यपाल अभिभाषण पर कांग्रेस का हमला
राज्यपाल के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा ने भाजपा पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की आदत है राज्यपाल से असत्य भाषण करवाने की. शर्मा ने मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने को उनका अपमान बताया. उन्होंने कहा कि गांधीजी को विश्व भर में सम्मान मिलता है, लेकिन भाजपा ने उनका नाम हटाने के लिए राम का सहारा लिया. कांग्रेस नेताओं ने राजस्थान सरकार पर बढ़ते कर्ज और मनरेगा में 40 प्रतिशत हिस्सेदारी को लेकर भी सवाल खड़े किए.
SIR को लेकर फर्जीवाड़े के आरोप
विधानसभा में SIR को लेकर कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाए. हरिमोहन शर्मा ने दावा किया कि जयपुर से छतरपुर तक हजारों की संख्या में फॉर्म नंबर 7 भरवाए गए. कोटा सांसद के कार्यालय से 7 हजार फॉर्म आने और उन पर फर्जी हस्ताक्षर होने का आरोप लगाया गया. कांग्रेस ने कहा कि जिंदा लोगों को मृत दिखाया गया. इस मुद्दे पर जोगाराम पटेल और भाजपा विधायकों के खड़े होने से सदन में भारी शोरगुल हुआ, जिसके बाद सभापति को हस्तक्षेप करना पड़ा.
पंचायत चुनाव, पेंशन और गौशाला मुद्दा
विधानसभा में पंचायत राज चुनाव, पेंशन और गौशालाओं को लेकर भी विपक्ष ने सरकार को घेरा. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार पंचायत चुनाव कराने से बच रही है. बूंदी जिले में 1 लाख 78 हजार पेंशनर्स को चार महीने से पेंशन नहीं मिलने का मुद्दा उठाया गया. वहीं गौशालाओं का लाखों रुपये बकाया होने और चारे के अभाव में हालात खराब होने की बात कही गई. आरोपों के बीच सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई और सदन में लगातार शोरगुल बना रहा.
महिला सुरक्षा: 8 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म पर राजेंद्र पारीक का प्रहार
सदन में शून्यकाल के दौरान कांग्रेस विधायक राजेंद्र पारीक ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार को घेरा. उन्होंने एक 8 वर्षीय बालिका के साथ हुई दुष्कर्म की हृदयविदारक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि खाजूवाला, सीकर और धोद में भी पहले ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं. पारीक ने चिंता जताई कि कालिका यूनिट और महिला डेस्क जैसी व्यवस्थाओं के बावजूद ये घटनाएं रुक नहीं रही हैं. जब पारीक अपनी बात रख रहे थे, तब विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि वे केवल सूचना दें, भाषण न दें. इसी बीच कांग्रेस के एक अन्य सदस्य ने सदन में अखबार लहराया, जिस पर स्पीकर ने कार्यवाही की चेतावनी दी. पारीक ने जोर देकर कहा कि सरकार के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं और ऐसे मामलों में कड़ी मॉनिटरिंग की आवश्यकता है.
चोमू में पेयजल संकट: विधायक शिखा मिल बराला ने उठाई आवाज
चोमू विधायक शिखा मिल बराला ने अपने क्षेत्र में गंभीर पेयजल समस्या का मामला उठाया. उन्होंने बताया कि चोमू में वर्तमान में जरूरत का केवल एक तिहाई पानी ही उपलब्ध हो पा रहा है. उन्होंने जल जीवन मिशन की धीमी रफ्तार पर सवाल उठाए और कहा कि चोमू न तो बीसलपुर परियोजना में शामिल है और न ही पीकेसी (PKC) में. इसके साथ ही उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जब भी सत्ता पक्ष का कोई विधायक बोलना चाहता है, तो मुख्यमंत्री मंत्रिमंडल विस्तार की “लाल पट्टी” चलवा देते हैं, जिससे विधायक अपनी बात नहीं रख पाते.
किसानों का मुआवजा: पीपल्दा विधायक चेतन पटेल ने जताया आक्रोश
विधायक चेतन पटेल ने अतिवृष्टि से खराब हुई फसलों का मुआवजा न मिलने का मामला सदन में प्रमुखता से उठाया. उन्होंने कहा कि पीपल्दा के किसानों ने मुआवजे की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन किया था, जिसके बाद कृषि मंत्री ने आश्वासन भी दिया था. लेकिन तीन माह बीत जाने के बाद भी किसानों को मुआवजा नहीं मिला है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो किसान फिर से बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं.
बिना सहमति विवाह: विधायक केसाराम चौधरी ने जताई चिंता
विधायक केसाराम चौधरी ने बिना माता-पिता की सहमति से होने वाले विवाहों और उससे उत्पन्न सामाजिक समस्याओं का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि बेटियों के घर से भागकर विवाह करने के कारण कई माता-पिता लोक-लाज के भय से आत्महत्या कर लेते हैं. उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है और अक्सर कोर्ट में बेटियां अपने ही माता-पिता को पहचानने से इनकार कर देती हैं, जो एक गंभीर सामाजिक समस्या बनती जा रही है.
शराब की अवैध दुकानें: उदयलाल आंजना ने की समय सीमा और प्रतिबंध की मांग
विधायक उदयलाल आंजना ने आबकारी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में एक लाइसेंस पर कई अवैध शराब की दुकानें संचालित की जा रही हैं. उन्होंने शिकायत की कि नियम के अनुसार रात 8:00 बजे का समय तय होने के बावजूद दुकानें देर रात तक खुली रहती हैं. इसके साथ ही उन्होंने मांग रखी कि हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों के अवसर पर शराब और मांस की दुकानों को पूरी तरह से बंद रखा जाना चाहिए.
मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकरों के खिलाफ विधायक बालमुकुंद आचार्य का स्थगन प्रस्ताव
सदन में शून्यकाल के दौरान विधायक बालमुकुंद आचार्य ने जयपुर परकोटा क्षेत्र की मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकरों की तेज आवाज का मुद्दा उठाया. उन्होंने स्थगन प्रस्ताव के जरिए सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए निम्नलिखित बिंदु रखे:
विधायक ने कहा कि बड़ी-बड़ी मीनारों पर लगे लाउडस्पीकरों की आवाज निर्धारित सीमा से कहीं अधिक है. इससे आम आदमी की नींद में खलल पड़ता है और यह उनके मौलिक अधिकारों का हनन है. तेज आवाज के कारण क्षेत्र में रहने वाले विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई और एकाग्रता में भारी समस्या का सामना करना पड़ता है.बालमुकुंद आचार्य ने आरोप लगाया कि जब आम नागरिक मस्जिद में जाकर आवाज कम करने का अनुरोध करते हैं, तो धर्म विशेष के लोग लड़ाई-झगड़े पर उतारू हो जाते हैं.उन्होंने सदन को बताया कि रमजान माह के दौरान मीनारों पर अतिरिक्त लाउडस्पीकर लगा दिए जाते हैं, जिससे समस्या और गंभीर हो जाती है. विधायक ने नाराजगी जताई कि अनेक बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन द्वारा अभी तक कोई स्थायी निदान या कठोर कार्रवाई नहीं की गई है. उन्होंने सरकार से मांग की है कि इन लाउडस्पीकरों की आवाज कम करवाई जाए या इन्हें पूरी तरह हटवाया जाए.
नोहर फीडर नहर की मरम्मत और हरियाणा से एनओसी का मुद्दा
विधानसभा में शून्यकाल के दौरान विधायक अमित चाचन ने स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से नोहर फीडर नहर की मरम्मत का गंभीर मामला उठाया. उन्होंने सदन को अवगत कराया कि इस नहर से 35 से अधिक गांवों की सिंचाई होती है और इसके लिए पानी हरियाणा के माध्यम से प्राप्त होता है. विधायक ने कहा कि वर्ष 2023 के बजट में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसके लिए बजट प्रावधान किए थे, लेकिन विडंबना यह है कि 3 साल बीत जाने के बाद भी हरियाणा सरकार ने अभी तक एनओसी (NOC) नहीं दी है. इस देरी के कारण नहर की मरम्मत का कार्य अटका हुआ है और किसान परेशान हैं.
बांदीकुई को जिला बनाने की पुरजोर मांग
विधायक भागचंद टांकडा ने सदन में बांदीकुई को जिला बनाने की मांग को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया. उन्होंने बांदीकुई की ऐतिहासिक और आर्थिक महत्ता बताते हुए निम्नलिखित तर्क रखे:
- आबादी और भूगोल: दौसा के बाद बांदीकुई सबसे अधिक आबादी वाला शहर है और यह जिले के मध्य में स्थित है.
- रेल नगरी का गौरव: बांदीकुई ‘रेल नगरी’ के रूप में प्रसिद्ध है. 20 अप्रैल 1874 को आगरा फोर्ट से बांदीकुई के लिए पहली ट्रेन चली थी, जो एक बड़ी उपलब्धि है. यहाँ सबसे बड़ी रेलवे कॉलोनी भी स्थित है.
- आर्थिक केंद्र: यहाँ जिले की पहली अनाज मंडी ‘माधवगंज’ है और वर्तमान में इसे इंडस्ट्रियल व लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित किया जा रहा है.
- कनेक्टिविटी: रेल और सड़क मार्ग से यह जयपुर, दौसा, अलवर, दिल्ली और आगरा से सीधा जुड़ा हुआ है.
- पर्यटन और आस्था: यहाँ मेहंदीपुर बालाजी जैसे आस्था केंद्र के साथ-साथ राणा सांगा की छतरी, चांद बावड़ी और कैथोलिक चर्च जैसे ऐतिहासिक स्थल हैं, जहाँ देशभर से लोग आते हैं.
जयपुर: कांग्रेस विधायक अमीन काग़ज़ी का सरकार पर कड़ा प्रहार
जयपुर में कांग्रेस विधायक अमीन काग़ज़ी ने विधानसभा सत्र के दौरान सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यपाल के अभिभाषण में केवल झूठे दावे किए गए हैं और ज़मीनी स्तर पर कोई काम नहीं हुआ है. काग़ज़ी ने विशेष रूप से मेडिकल, शिक्षा और विकास कार्यों की स्थिति पर सवाल उठाए. उन्होंने ‘डिस्टर्ब एरिया एक्ट’ पर चर्चा की मांग करते हुए सरकार से आंकड़े पेश करने को कहा. उनका आरोप है कि मंत्री न तो विकास कार्य कर रहे हैं और न ही सदन में उचित जवाब दे रहे हैं.
विधानसभा: भरतपुर में वकीलों के चैंबर निर्माण का मुद्दा
प्रश्नकाल के दौरान विधायक डॉ. सुभाष गर्ग ने भरतपुर संभाग मुख्यालय पर अधिवक्ताओं के लिए चैंबर निर्माण का मामला उठाया. उन्होंने बताया कि वकीलों के पास बैठने की जगह नहीं है. विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने स्वीकार किया कि वकीलों की बढ़ती संख्या के मुकाबले सुविधाएं कम हैं. उन्होंने आश्वासन दिया कि संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर संभाग मुख्यालय के न्यायालयों में वकीलों के लिए बैठने की व्यवस्था और अन्य सुविधाएं प्राथमिकता से पूरी की जाएंगी.
बगरू: जीर्ण-शीर्ण स्वास्थ्य केंद्रों और नवीन भवनों पर चर्चा
विधायक कैलाश वर्मा ने बगरू विधानसभा क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों की जर्जर हालत पर सवाल किया. चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने बताया कि वाटिका पीएचसी के नए भवन निर्माण के निर्देश दिए गए हैं और इसका काम अप्रैल में शुरू होने की उम्मीद है. बगरू में मॉडल सीएचसी और एसडीएच (SDH) के निर्माण को लेकर मंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने सीएचसी को शहर से बाहर कर दिया था, अब जमीन मिलने पर इसे वर्टिकल रूप में पास ही बनाने पर विचार किया जा रहा है.
जयपुर: रिहायशी इलाकों में पैंथर मूवमेंट और सुरक्षा प्रोटोकॉल
विधायक कालीचरण सराफ ने जयपुर के रिहायशी क्षेत्रों में पैंथर के मूवमेंट और एक समर्पित हेल्पलाइन न होने का मुद्दा उठाया. उन्होंने महाराष्ट्र की तर्ज पर ‘इमरजेंसी ब्रेकर’ प्रोटोकॉल लागू करने का सुझाव दिया. वन मंत्री संजय शर्मा ने बताया कि विभाग की हेल्पलाइन ‘1926’ का काम जारी है और एक माह में इसे शुरू कर दिया जाएगा. उन्होंने आश्वासन दिया कि वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए इसी वित्तीय वर्ष में एक नई एसओपी (SOP) बनाकर लागू की जाएगी.
बाड़मेर: खाद्य सुरक्षा और स्वेच्छा से लाभ छोड़ने का मामला
विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने बाड़मेर में खाद्य सुरक्षा सूची से नाम हटाने और जवाब हिंदी में न मिलने पर आपत्ति जताई. खाद्य मंत्री सुमित गोदारा ने स्पष्ट किया कि किसी को जबरदस्ती नहीं हटाया गया है. बाड़मेर में 1.56 लाख से अधिक परिवारों ने ‘गिव अप’ अभियान के तहत स्वेच्छा से लाभ छोड़ा है. मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री के संकल्प के अनुसार कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित नहीं रहेगा और ₹450 में गैस सिलेंडर जैसी योजनाएं निरंतर जारी हैं.
विधानसभा: थैलेसीमिया पीड़ितों की सहायता पर सवाल स्थगित
विधायक रूपेंद्र सिंह कुन्नर ने प्रदेश में थैलेसीमिया रोग से पीड़ित बच्चों को मिलने वाली सहायता पर सवाल पूछा था. हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने इस पर व्यवस्था दी कि चूंकि यह मामला दो विभागों से जुड़ा है और अभी केवल एक विभाग का ही जवाब आया है, इसलिए इस सवाल को बाद में चर्चा के लिए लिया जाएगा.
कोटा: आंगनबाड़ी केंद्रों में ‘पोषण वाटिका’ और मानदेय वृद्धि
विधायक संदीप शर्मा ने कोटा के 727 आंगनबाड़ी केंद्रों के एक ही कमरे में संचालित होने और पोषण वाटिकाओं के विकास पर सवाल किया. उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने बताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से 107 केंद्रों पर पोषण वाटिकाएं विकसित की गई हैं. विधायक ने मानदेय में 10% बढ़ोतरी के लिए धन्यवाद दिया लेकिन इसे अपर्याप्त बताया. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समय-समय पर मानदेय बढ़ाती है और केंद्र को भी इसके लिए प्रस्ताव भेजे जाते हैं.
आसिंद: बदनोर में नवीन मुंसिफ न्यायालय की मांग
विधायक जब्बर सिंह सांखला ने बदनोर (आसिंद) उपखंड में नया मुंसिफ न्यायालय खोलने की मांग की. विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने जवाब देते हुए कहा कि वर्तमान में निर्धारित मापदंडों के अनुसार यहां काम का दबाव कम है, इसलिए अभी न्यायालय खोलना संभव नहीं है, लेकिन भविष्य में इस पर विचार किया जा सकता है.
राजस्थान विधानसभा: प्रश्नकाल में हुक्का बार और नशाखोरी पर हंगामा
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान पहले ही सवाल पर हंगामे की स्थिति बन गई. टोंक में हुक्का बार पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने को लेकर विधायक रामसहाय वर्मा ने गृहमंत्री से सवाल किया. मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने जवाब देते हुए कहा कि कानून सम्मत कार्रवाई की जा रही है और अवैध रूप से काम करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. इसी बीच विधायक रामकेश मीणा ने पूरे प्रदेश में नशाखोरी की समस्या उठाते हुए नया कानून लाने के इरादा पूछा. मंत्री बेढम ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि साल 2022 में 55326 मामले थे, जब हुक्का बार और अवैध गतिविधियां चरम पर थीं. भजनलाल सरकार आने के बाद 2024-25 में अब तक केवल 12598 मामले ही सामने आए हैं. मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग और विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने भी इस पर हस्तक्षेप किया. देवनानी ने कहा कि हुक्का बार पूरे प्रदेश की समस्या है और इसे रोकने के ठोस प्रयत्न होने चाहिए, जिस पर सरकार ने नशा मुक्ति हेतु कार्रवाई शुरू करने की बात कही.
पीपल्दा सड़क निर्माण: उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और विपक्ष के बीच तीखी बहस
पीपल्दा विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृत नॉन पेंचेबल मिसिंग लिंक सड़कों के सवाल पर सदन में गहमागहमी रही. विधायक चेतन पटेल ने घोषणा की पालना न होने पर जिम्मेदारी को लेकर सवाल किया था. उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने जवाब देते हुए जैसे ही पिछली सरकार से तुलना शुरू की, सदन में हंगामा हो गया. विधायक रामकेश मीणा ने सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया, जिस पर दीया कुमारी ने स्पष्ट किया कि वे केवल आंकड़े रखना चाहती हैं. उन्होंने बताया कि पिछली सरकार ने 5 साल में 12300 करोड़ खर्च किए, जबकि भजनलाल सरकार ने अब तक 8000 करोड़ से ज्यादा व्यय कर दिए हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार ने भाजपा विधायकों की अनुशंसा पर सड़कें स्वीकृत नहीं की थीं, जबकि वर्तमान सरकार बिना भेदभाव के काम कर रही है. विधानसभा अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि हर सरकार से ईमानदारी से काम करने की अपेक्षा है.
कांग्रेस विधायक अमीन काग़ज़ी का सरकार पर हमला: “धरातल पर काम शून्य”
कांग्रेस विधायक अमीन काग़ज़ी ने विधानसभा सत्र के दौरान सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण में झूठे दावे किए गए हैं और सरकार ने ज़मीनी स्तर पर कोई काम नहीं किया है. काग़ज़ी ने मेडिकल, शिक्षा और विकास कार्यों पर सवाल उठाते हुए कहा कि धरातल पर कुछ भी नज़र नहीं आता. उन्होंने डिस्टर्ब एरिया एक्ट पर चर्चा की मांग करते हुए सरकार से पूछा कि किन इलाकों में कितने मामले आए हैं, सरकार सिर्फ बयान देती है पर आंकड़े पेश नहीं करती. उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री विकास कार्य नहीं कर रहे और सदन में जवाब देने से बच रहे हैं. विपक्ष ने बजट सत्र में इन मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की मांग तेज कर दी है.
जयपुर: गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने विपक्ष के आरोपों को नकारा
जयपुर में राज्यपाल के अभिभाषण पर विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा कि अभिभाषण में सरकार के कामकाज का बिल्कुल सही उल्लेख हुआ है. मंत्री ने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिला उत्थान और गरीब कल्याण के कार्यों पर गंभीर रूप से ध्यान केंद्रित कर रही है. बेढ़म ने विपक्षी आरोपों को “थोथा” करार दिया और कहा कि कांग्रेस के पास सरकार को घेरने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है.
प्रश्नकाल: मंत्रियों की सीधी अग्निपरीक्षा
सदन की कार्यवाही के पहले घंटे में तारांकित प्रश्नों की सूची में कुल 23 प्रश्न शामिल किए गए हैं, जबकि अतारांकित प्रश्नों की सूची में 24 सवाल हैं. कुल मिलाकर 47 सवालों के जरिए सरकार की घेराबंदी की तैयारी है. आज मुख्य रूप से मुख्यमंत्री से जुड़े विभाग, वित्त विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, संसदीय कार्य, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, पशुपालन और वन विभाग से संबंधित महत्वपूर्ण सवाल-जवाब होंगे. जनता से जुड़े मुद्दों पर मंत्रियों के जवाब आज चर्चा का केंद्र रहेंगे.
सदन के पटल पर रखे जाएंगे महत्वपूर्ण प्रतिवेदन
आज विधायी कार्यों की एक लंबी सूची सदन के सामने होगी. सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ‘कार्य सलाहकार समिति’ (BAC) का प्रतिवेदन पटल पर रखेंगे, जिससे सदन के आगामी दिनों के कामकाज की रूपरेखा स्पष्ट होगी. इसके अलावा, विशेषाधिकार समिति के सभापति केसाराम चौधरी विधायक डॉ. सुभाष गर्ग के विशेषाधिकार हनन के मामले में समय बढ़ाने का प्रस्ताव रखेंगे.
वार्षिक प्रतिवेदनों का अंबार: साल 2021 से 2025 का लेखा-जोखा
आज उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी वित्त विभाग की 6 अधिसूचनाएं और राजस्थान जन-आधार प्राधिकरण के साल 2021 से 2025 तक के वार्षिक प्रतिवेदन पेश करेंगी. वहीं, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बेरवा राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (Roadways) की रिपोर्ट रखेंगे. कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ द्वारा ‘राजस्थान स्मॉल इंडस्टरीज कॉरपोरेशन’ और ‘एक्स सर्विसमैन कारपोरेशन’ के प्रतिवेदन रखे जाएंगे.
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल की ऑडिट रिपोर्ट पेश करेंगे. जलदाय मंत्री कन्हैयालाल और संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल भी अपने-अपने विभागों की ऑडिट रिपोर्ट और लेखा परीक्षा प्रतिवेदन पटल पर रखेंगे. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत द्वारा ‘विशेष योग्यजन राजस्थान’ का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा.
राज्यपाल के अभिभाषण पर महा-बहस
आज की कार्यवाही का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा राज्यपाल के अभिभाषण पर शुरू होने वाली बहस होगी. विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी इस बहस के लिए समय का आवंटन करेंगे. सत्ता पक्ष जहाँ अभिभाषण के जरिए अपनी उपलब्धियां गिनाएगा, वहीं विपक्ष ‘झूठ के पुलिंदे’ जैसे आरोपों के साथ सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश करेगा.
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