Rajasthan Assembly news: राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा जोर पकड़ चुकी है कि क्या 2028 के विधानसभा चुनाव के बाद किसी भी दल को राज्य में सरकार बनाने के लिए 136 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी? यह चर्चा स्पीकर वासुदेव देवनानी का एक बयान सामने आने के बाद उठनी शुरू हुई है. स्पीकर ने राजस्थान विधानसभा में 280 विधायकों के बैठने लायक हॉल बनाने की बात कही है. इसके बाद चर्चा शुरू हो गई है कि क्या राजस्थान विधानसभा की क्षमता 200 से बढ़ाकर 270 किया जाने वाला है.
राजस्थान विधानसभा में विधायकों की संख्या बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है.
राजस्थान में विधायकों की संख्या बढ़ाने की अटकल कहां से शुरू हुई?
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के हालिया बयान को माने तो राजस्थान विधानसभा में विधायकों की संख्या 200 से बढ़ाकर 270 किया जा सकता है. हालांकि यह फैसला राष्ट्रीय जनगणना और उसके बाद नये सिरे से परिसीमन के बाद फैसला लिया जा सकता है. जयपुर के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर पहुंचे स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कहा कि भविष्य को देखते हुए राजस्थान विधानसभा में विधायकों के बैठने की संख्या बढ़ाई जाएगी. फिलहाल सदन में एक साथ 210 विधायकों के बैठने का इंतजाम है. अब इसे बढ़ाकर 280 करने पर विचार किया जा रहा है. राजस्थान विधानसभा के हॉल की क्षमता बढ़ाए जाने की बात सामने आने के साथ अनुमान लगाया जाने लगा है कि राज्य में विधायकों की संख्या बढ़ाई जाएगी.
देश में जनगणना होने जा रहा है. इसके बाद राजस्थान में नये सिरे से परिसीमन कराई जाएगी. राजस्थान विधानसभा में लगभग 70 नई सीटें जोड़ने पर विचार किया जा रहा है. भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए यह तैयारी की जा रही है, सुचारू रूप से कार्यवाही चलाने में किसी प्रकार की दिक्कत ना हो और सदन छोटा न पड़े. -वासुदेव देवनानी, विधानसभा अध्यक्ष (राजस्थान)
राजस्थान विधानसभा में कब तय हुई थी MLA की संख्या?
- याद करा दें कि राजस्थान विधानसभा में अंतिम बार साल 1977 में विधायकों की संख्या तय की गई थी. तब से अब तक राजस्थान में विधानसभा की 200 सीटों के लिए ही चुनाव होते हैं.
- इससे पहले 1967 के विधानसभा में 184 सीटों पर चुनाव हुए थे.
- 1957 के विधानसभा चुनाव में 176 सीटों के विधायक चुनने के लिए मतदान हुए थे.
- वहीं साल 1952 में हुए पहले विधानसभा चुनाव में महज 160 सीटें थीं. तीन मौकों पर विधानसभा की सीटें बढ़ाकर 200 तक पहुंची थी.
विधानसभा के नये हॉल में क्या होगा खास?
बताया जा रहा है कि राजस्थान विधानसभा में सदन की कार्यवाही के लिए तैयार होने वाले नये हॉल के लिए करीब 14 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा खुद हॉल का साइज बढ़ाने को लेकर तत्पर हैं. बताया जा रहा है कि सीएम भजनलाल शर्मा ने सलाह दी है कि राजस्थान विधानसभा में एक भव्य सेंट्रल हॉल भी बनवाया जाए, जिसका डिजाइन देश के संसद भवन के सेंट्रल हॉल की तरह हो. विधानसभा का रिनोवेशन हो तो यहां विधायकों को बैठकर आपसी बातचीत का भी कर सकेंगे. साथ ही विधायकों के चाय, नाश्ते और भोजन की बढ़िया इंतजाम हो.
राजस्थान विधानसभा में सीटें बढ़ने का क्या असर होगा?
राजस्थान विधानसभा की सीटें 200 से बढ़ाकर 270 करने पर इसका बड़ा राजनीतिक असर दिखेगा. परिसीमन में कई सीटें एससी/एसटी के लिए आरक्षित होंगी तो नई सीटों में कई सीटें जनरल कैटेगरी की भी बढ़ेंगी. कुछ विधानसभा क्षेत्र खत्म हो जाएंगे तो कुछ का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा. मौजूदा वक्त में कई विधानसभा सीटें तो 200 किलोमीटर से भी ज्यादा लंबी हैं. ऐसे में विधायकों को आम जनता तक पहुंचने के लिए पसीना बहाना पड़ता है और सरकार की योजनाओं को धरातल पर लागू करने में भी बहुत सारी कठिनाइयां आती है. ऐसे में परिसीमन के बाद अगर सीटें बढ़ती हैं तो गुड गवर्नेंस की दिशा में एक बड़ा कदम होगा. साथ ही चुनाव लड़ने के इच्छुक नेताओं के सपने भी साकार होंगे. इस बदलाव का सबसे बड़ा असर बहुमत के नंबर में दिखेगा. फिलहाल राजस्थान विधानसभा में बहुमत का नंबर 101 है, जबकि सीटें बढ़ने के बाद बहुमत की सरकार बनाने के लिए 136 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी. अनुमान है कि अगर सबकुछ तय कार्यक्रम के तहत हुआ तो 2028 में राजस्थान की 270 विधानसभा सीटों के लिए वोट पड़ सकते हैं.
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अभिषेक कुमार News18 की डिजिटल टीम में बतौर एसोसिएट एडिटर काम कर रहे हैं. वे यहां बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तसीगढ़, उत्तराखंड की राजनीति, क्राइम समेत तमाम समसामयिक मुद्दों पर लिखते …और पढ़ें
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