एलपीजी की किल्लत को लेकर आम लोगों को परेशानी हो रही है तो वह भी मीडिया की माइक पर सरकार के प्रति अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. वहीं कांग्रेस ना केवल राजस्थान बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों में जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन करके केंद्र सरकार की विदेश नीतियों पर सवाल उठा रही है. इन तमाम झंझटों के बचाव में एनडीए के तमाम नुमाइंदे केवल यह कहकर अपना बचाव करने की कोशिश में नजर आ रहे थे कि देश में किसी भी प्रकार के एलपीजी संकट नहीं है. हालांकि एलपीजी सिलेंडर के लिए लाइनों में लगे लोग और होटलों और रेस्टारेंट में हो रही दिक्कत सरकारी दावों की हकीकत को बयां कर रहे हैं.
मणिशंकर अय्यर के ताजा बयान से NDA को मिली ‘संजीवनी’!
मणिशंकर अय्यर के खिलाफ FIR
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए मणिशंकर अय्यर की ओर ओर से दिए गये बयान को आपत्तिजनक बताते हुए गांधी नगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है. पालड़ी मीणा निवासी शिकायतकर्ता बाबूलाल तंवर ने आरोप लगाया है कि कार्यक्रम में कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अभद्र और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया. यह बातें जानबूझकर सामाजिक वैमनस्य फैलाने और लोगों की भावनाएं आहत करने के लिए दिया गया है. इस बयान को जानबूझकर सोशल मीडिया पर प्रचारित किया जा रहा है. शिकायत में ये भी आरोप लगाया गया है कि इस पूरे प्रकरण में कांग्रेस के राष्ट्रीय और राजस्थान प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों की साजिश है.
मणिशंकर अय्यर का बयान आते ही पलटा खेल
मणिशंकर अय्यर का बयान आते ही ना केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश की राजनीति फिर से पलटती दिख रही है. एलपीजी गैस सिलेंडर की किल्लत के चलते नाराजगी झेल रही बीजेपी और केंद्र सरकार फ्रंटफुट पर बैटिंग करती दिख रही है. बीजेपी के नेताओं ने मणिशंकर के बयान के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया है. ना केवल राजस्थान बल्कि उत्तर प्रदेश, बिहार जैसे राज्यों के बीजेपी नेता मणिशंकर अय्यर के बहाने कांग्रेस को निशाने पर लेना शुरू कर दिया है.
मणिशंकर अय्यर की सफाई को बीजेपी कर रही नाकाम
विवाद बढ़ते देख मणिशंकर अय्यर ने जयपुर में मीडिया के कैमरों पर अपने बयान पर सफाई भी दी है. पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने पीएम मोदी की जाति को लेकर कोई कॉमेंट नहीं किया है. उन्होंने कहा- मैंने उन्हें (पीएम मोदी) कभी ‘नीची जाति’ का व्यक्ति नहीं कहा. मैंने उनके चरित्र के संदर्भ में उन्हें ‘नीच किस्म का इंसान’ कहा था. दोनों बातें पूरी तरह अलग है.’
अय्यर ने आगे कहा कि उन्होंने कभी भी ये नहीं कहा कि वह (नरेंद्र मोदी) चाय बेचते हैं इसलिए प्रधानमंत्री नहीं बन सकते हैं. मैंने पीएम मोदी के दावों पर सवाल उठाया था, कि उन्होंने अपने गृह नगर वडनगर में रेलवे प्लेटफार्म पर चाय बेची थी. 1973 तक उस शहर में रेलवे प्लेटफार्म था ही नहीं. ‘भ्रामक बातें’ कहकर नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचने में मदद मिली. उन्होंने कहा कि मुसलमानों के बारे में किया गया कई कॉमेंट देश में साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण की वजह बनी.
अय्यर ने यह भी कहा कि वह हमेशा नरेंद्र मोदी को इतिहास की जानकारी ठीक नहीं होने की बात कहते रहे हैं. उन्होंने कहा कि मेरी नजर में जो व्यक्ति ऐतिहासिक तथ्यों ठीक तरीके से नहीं जानता, वह उस भूमिका में (प्रधानमंत्री) कैसे हो सकता है, जिसमें जवाहरलाल नेहरू रहे थे. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने ऐसे ऐतिहासिक बिंदुओं का जिक्र किया था, जैसे सिकंदर कभी पाटलिपुत्र तक नहीं पहुंचा और नालंदा भारत में है, जबकि तक्षशिला अब पाकिस्तान में है. उन्होंने यह भी कहा कि मैंने कभी भी नरेंद्र मोदी को ‘चायवाला’ नहीं कहा, उन्होंने खुद ही खुद को ‘चायवाला’ कहकर प्रचारित किया.
मणिशंकर अय्यर के तमाम सफाई को बीजेपी फेल कर चुकी है. पूरी बीजेपी प्रचारित करने में लगी है कि कांग्रेस नेताओं की पीएम मोदी के लिए अपशब्द कहने की आदत रही है. बीजेपी और खासकर पीएम मोदी के पिछले 10-12 साल की राजनीति पर नजर डालें तो उन्होंने हर मुश्किल वक्त में खुद पर होने वाले व्यक्तिगत हमले को मुद्दा बनाकर राजनीतिक खेल पलटते रहे हैं. एलपीजी सिलेंडर की किल्लत जैसी झंझट से भी बीजेपी मणिशंकर अय्यर के ताजा बयान से विपक्ष को कटघरे में खड़ा करती दिख रही है.
कांग्रेस के लिए मुश्किलें पैदा करते रहे हैं मणिशंकर अय्यर
याद करा दें कि मणिशंकर अय्यर कई मौकों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कॉमेंट कर कांग्रेस को मुश्किलों में डालते रहे हैं.
- 2014 : ‘मोदी कभी प्रधानमंत्री नहीं बन सकते, चाय बेच सकते हैं’.
- जनवरी 2014 में कांग्रेस अधिवेशन में अय्यर ने कहा: ’21वीं सदी में नरेंद्र मोदी कभी प्रधानमंत्री नहीं बन सकते, लेकिन अगर वे यहां चाय बेचना चाहें तो हम उनके लिए जगह बना देंगे.’
- 2017: दिसंबर 2017 में गुजरात चुनाव के दौरान अय्यर ने मोदी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ‘ये आदमी बहुत नीच किस्म का है.’ इस बयान के बाद कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था.
- 2019: 2019 में एक लेख/बयान में अय्यर ने कहा कि मोदी देश के सबसे ‘foul-mouthed’ (असभ्य भाषा बोलने वाले) प्रधानमंत्री हैं. इस पर भी राजनीतिक विवाद हुआ और कांग्रेस पार्टी ने उनसे दूरी बना ली.
- 2025: एक कार्यक्रम में अय्यर ने कहा कि मोदी विदेशी नेताओं को गले लगाते दिखते हैं, लेकिन भारत में किसी को नहीं.
इसके अलावा मणिशंकर अय्यर समय-समय पर पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल और एयर स्ट्राइक पर भी सवाल उठाते रहे हैं. वह हमेशा कहते रहे हैं कि ऐसे ऑपरेशन के बजाय बातचीत से ही समस्या का समाधान निकाला जा सकता है. मणिशंकर अय्यर ने जब-जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कोई कॉमेंट किया है तब-तब बीजेपी को संजीवनी मिलती रही है. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत पूरी बीजेपी जनता के बीच विक्टिम कार्ड खेलने लगती है. इसका सीधा फायदा पीएम मोदी को जनता की सहानुभूति के रूप में मिलती रही है.
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