Indian Air Force: जयपुर में 20 और 22 फरवरी को जलमहल के पास भारतीय वायु सेना का सूर्यकिरण एरोबेटिक शो आयोजित किया जाएगा. इस भव्य आयोजन में 9 हॉक एमके-132 फाइटर जेट और हेलीकॉप्टर आसमान में हैरतअंगेज करतब दिखाएंगे. यह कार्यक्रम भारतीय वायु सेना की पेशेवर क्षमता, अनुशासन और साहस का प्रदर्शन होगा. शो के दौरान फॉर्मेशन फ्लाइंग, स्मोक ट्रेल्स और रोमांचक एरोबेटिक मूव्स दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे. बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक इस आयोजन को देखने पहुंच सकते हैं.
Hawk Mk-132 fighter jet
22 फरवरी को होने जा रहे सूर्यकिरण एरोबेटिक शो के लिए सुरक्षा से लेकर ट्रैफिक और पार्किंग तक की तैयारियां चल रही हैं. क्योंकि अनुमान है कि 75 हजार से 1 लाख लोग इस भव्य शो को देखने के लिए पहुंच सकते हैं. इस शो को लेकर लोगों में सबसे ज्यादा उत्सुकता उन पलों को लेकर है, जब 11 फाइटर जेट एक साथ हवा में उड़ान भरेंगे और तेज रफ्तार, सटीक समन्वय और रंगीन धुएं से आसमान पर बनते पैटर्न से दर्शकों की धड़कनें बढ़ा देंगे.
जयपुर के 3 फाइटर पायलट दिखाएंगे अपना दम
जलमहल पर होने जा रहे भारतीय वायुसेना का विश्वविख्यात एयरोबेटिक टीम सूर्योकरण शो में इस बार टीम में कुल 14 पायलट हैं. टीम लीडर कैप्टन अजय दसरथी हैं. इस बार शो में सबसे खास बात यह हैं की जयपुर के तीन पायलट शो में शामिल रहेंगे. इनमें राजेश काजला, विंग कमांडर जो सूर्यकिरण टीम में वे नंबर 6 पोजीशन पर उड़ान भरते हैं. सुखोई-30 एमकेआई सहित विभिन्न फाइटर विमानों में 2800 घंटे से अधिक उड़ान अनुभव है. वहीं अंकित वशिष्ठ, स्क्वाड्रन लीडर उन अंतिम पायलटों में रहे जिन्होंने 2019 से पहले मिग-21 टी-75 उड़ाया. 2023 से सूर्यकिरण टीम का हिस्सा हैं और 70 से अधिक डिस्प्ले का अनुभव है. इसके अलावा संजेश सिंह, स्क्वाड्रन लीडर इससे पहले फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर रह चुके हैं और सुखोई-30 के पायलट हैं. उन्हें दो हजार से अधिक घंटे का उड़ान अनुभव है.
जलमहल पर इस प्रकार दिखेंगी विमानों की आतिशबाजी
जलमहल पर सूर्यकिरण एरोबेटिक शो के दौरान बैरेल रोल एयरक्राफ्ट आगे बढ़ते हुए गोल-गोल घूमेगा और पायलट संतुलन और नियंत्रण के साथ आगे बढ़ेंगे. क्रॉसेस दो या अधिक एयरक्राफ्ट एक-दूसरे को क्रॉस करते हुए नजदीक से निकलेंगे. इनवर्टेड फ्लाइंग इसमें एयरक्राफ्ट उल्टा होकर उड़ता है. हार्ट मैन्युवर एयरक्राफ्ट रंगीन धुएं यानी स्मोक ट्रेल के साथ दिल की आकृति बनाते नजर आएंगे. पूरे शो में 9 हॉक एमके-132 फाइटर जेट और हेलीकॉप्टर में कुल 14 पायलट की अनुभवी टीम अपने शोर्य की झलक पेश करेंगे. 1996 में स्थापित टीम 800 से अधिक प्रदर्शन कर चुकी है. इसलिए भारतीय वायुसेना की इस टीम को उसका “ऐम्बेसडर” भी कहा जाता है.
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