Prime Ministers Artwork Praise: भारत की एक कलाकार ने चावल के एक दाने पर 108 अक्षर लिखकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है. इस अनोखी कला ने माइक्रो आर्ट की दुनिया में तहलका मचा दिया है. उनके इस कला कार्य की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से लेकर वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश के पांच प्रधानमंत्रियों ने भी तारीफ की है. यह कार्य न केवल कौशल और धैर्य का प्रतीक है, बल्कि भारत की कला और संस्कृति को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने वाला भी साबित हुआ है. कलाकार ने अपने अद्वितीय प्रयास से माइक्रो आर्ट में मिसाल कायम की है.
जयपुर को कला संस्कृति की धरती के रूप में जाना जाता हैं. जहां पुरूषों से लेकर महिलाओं में गज़ब का हुनर देखने को मिलता हैं. ऐसे ही जयपुर की कलाकार नीरू छाबड़ा जिनकी चावल के दानों पर की गई शानदार कला को देखकर लोग हैरान रह जाते हैं. नीरू छाबड़ा चावल के दाने पर अपने विरले अंदाज से कलाकृतियाँ बनाने के लिए प्रसिद्ध कलाकार हैं. नीरू चावल के छोटे-छोटे दानों पर बेहद सुंदर लेखन की कई डिजाइन के साथ कई बार राष्ट्रीय भक्ति का संदेश लिख चुकी हैं. जिन्हें विदेशों तक लोग पंसद करते हैं, क्योंकि की नीरू छाबड़ा जब चावल के दाने पर सूक्ष्म लेखन करती है. तो वह उस छोटा से दाने को ही अपना सम्पूर्ण संसार मानते हुए कला तैयार करती हैं. चांवल के कई सारे सूक्ष्म लिखित दाने जब परस्पर संयोजित होते हैं. तो उनसे बनने वाली कलाकर्तियाँ कलाकार की आधुनिक सोच का परिचय देती हैं और इस प्रकार चावल के दानों पर बनी इन्ही कलाकृतियों ने नीरू को अन्य कलाकारों से अलग बनाया.

नीरू छाबड़ा ने चावल के दानों पर अपनी सूक्ष्म कला की शुरुआत 1984 से की थी और और कुछ ही दिनों बाद उन्होंने चावल के दाने पर 74 अक्षर लिखी कलाकृति पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी को भेंट किया थी. जिसके बाद से उन्होंने देश मे कोई बड़ी घटना हो या कोई त्यौहार सभी विषयों को नीरू ने वर्षों तक चावल के दाने पर अपने शब्दों को तराशता,आज चार दशकों से वह इस कला को निरंतर सहेजे और संभाले हुए हैं और लगातार चावल के दाने पर आर्ट वर्क तैयार करती रहती हैं. नीरू छाबड़ा का मानना हैं कि भारतीय संस्कृति में चांवल का विशेष महत्व है, यह अक्षत है, पवित्र है और वह हमेशा से कुछ अलग करना चाहती थी, इसलिए उन्होंने अपनी कला के प्रदर्शन के लिए चावल के दाने को चुना और धीरे-धीरे उनकी कला को दुनियाभर में खास पहचान मिली.

नीरू छाबड़ा की कला आम लोगों से लेकर देश दुनिया की नामचीन हस्तियों के उनकी इस कला की सहारना कर चुके हैं. जिनमें पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, राजीव गांधी, अटल बिहारी बाजपेई और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनकी इस खास कला की तारिफ कर चुके हैं. जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री हुआ करते थे. देश दुनिया से जयपुर पहुंचे कई राष्ट्राध्यक्ष भी उनकी कला को देख कर उन्हें प्रशंसा-पत्र भी दे चुके हैं. राजनीतिक हस्तियों के अलावा देश की अन्य नामचीन हस्तियों को नीरू अपनी खास कलाकृतियां भेट कर चुकी हैं.
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नीरू छाबड़ा चावल के छोटे-छोटे दानों पर अलग-अलग के सूक्ष्म लेखन के साथ डिज़ाइन तैयार करती हैं लेकिन ख़ासतौर पर उनके द्वारा गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर सबसे ज्यादा लेख उन्होंने लिखे हैं. जिनमें राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रीय गान, चावल के दानों से तिरंगा, अशोक चक्र, किर्ति स्तम्भ के साथ साथ चावल के दानों पर सर्व धर्म समभाव हमारी ताकत, विविधता हमारी पहचान, तिरंगा हमारी आन बान शान, लोकतंत्र हमारा बेमिसाल, गायत्री मंत्र, संविधान की परिभाषा जैसे खास लेखन लिखे हैं. नीरू छाबड़ा राजस्थान की एकमात्र ऐसी मिनिएचर आर्टिस्ट हैं. जो पिछले 40 वर्षों से अपनी कला से हर दिन चावल के दानों से नई कला पिरोती हैं. वह सामाजिक मुद्दों से लेकर राष्ट्रीय मुद्दों पर भी चावल के दानों से कई कलाकृतियां बना चुकी हैं. जिन्हें उन्होंने खास फ्रेम में जड़ा कर आज भी सुरक्षित रूप से अपने घर पर रखा हैं.

निरू छाबड़ा की चावल के सूक्ष्म दाने पर की गई कला सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि विदेशों तक फेमस रही हैं. वे विश्व की प्रथम ऐसि महिला मिनीएचर आर्टिस्ट हैं. जिन्होंने एक ही चावल के दाने पर 108 अक्षर लिखकर रिकार्ड भी बना चुकी है. इसलिए उनकी यह अनूठी कला देश-विदेश में प्रशंसित हुई. इसी खास कला के चलते वह कई देशों में वह अपनी कला को लेकर भारत का प्रतिनिधित्व भी कर चुकी हैं और विदेशी पर्यटक और स्टूडेंट्स भी उनकी कला कै देखने के लिए दूर-दूर से पहुंचते हैं. नीरू छाबड़ा वर्षों अपने घर पर ही अपनी कला को निखारते आ रही हैं. घर के एक कमरे में उन्होंने अपना खास स्टूडियों बना रखा हैं. जहां आर्ट वर्क से जुड़ी तमाम चीजों से लेकर खास आर्ट डिजाइन से खास गैलरी सजी हुई हैं.

नीरू छाबड़ा को उनकी इस खास कला के लिए कई अवार्ड और पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका हैं. जिनमें नेशनल मेरिट अवॉर्ड, राजस्थान सरकार से स्टेट अवॉर्ड और कई महत्वपूर्ण अवार्ड के साथ सैकड़ों प्रशंसा-पत्र भी शामिल हैं. पिछले लोकसभा चुनाव में नीरू छाबड़ा ने लोकसभा चुनाव को लेकर लोगों से मतदान करने की अपील को लेकर चावल के दाने पर लेखन कर संदेश दिया हैं. जिसमें उन्होंने चावल के दाने पर स्लोगन लिखा था ‘जन जन का यही विचार, जन जन की चेतना है, लोकतंत्र को बचाना है, मतदाता को जगाना है, मतदान करना हमारा अधिकार है’, ‘निर्णय लो, निर्णायक बनो, मताधिकार का उपयोग करों.

अगर जयपुर की मिनिएचर आर्टिस्ट नीरू छाबड़ा के जीवन परिचय और उनकी शिक्षा की बात करें तो उनका जन्म 20 फरवरी 1956 को बधाल गाँव में हुआ, उनकी प्रारंभिक शिक्षा बधाल से ही हुई और फिर स्नातक डिग्री उन्होंने जयपुर के महारानी कॉलेज से प्राप्त की और इसके बाद उन्होंने राजस्थान स्कूल आफ आर्ट्स जयपुर से डिप्लोमा प्राप्त किया. बचपन से ही वे अपने भाई-बहनों में सबसे बड़ी होने के कारण जिम्मेदारी का निर्वहन करती रहीं. कर्तव्यनिष्ठा उनके स्वभाव का हिस्सा रही, परंतु साथ ही उन्होंने कला को अपने जीवन का प्रमुख क्षेत्र बनाया जिसमें परिवार का स्नेह और नैतिक समर्थन का प्रोत्साहन उनके कला-सफर की मजबूत आधारशिला रही.
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