राजस्थान में पर्यटन को नया आयाम देने की दिशा में जल्द ही जयपुर में डे और नाइट बस टूर शुरू किया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत पर्यटक दिन और रात दोनों समय शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे। उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन, कला-साहित्य, संस्कृति तथा पुरातत्व मंत्री दीया कुमारी ने पर्यटन विभाग को निजी सहभागिता के साथ इस योजना की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को पर्यटन भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि ऐसी लग्जरी बसों का संचालन किया जाए जो राजस्थान के पर्यटन स्थलों के आकर्षक चित्रों से सुसज्जित हों और पर्यटकों को एक बेहतर अनुभव प्रदान करें। बैठक में ओंकार सिंह लाखावत, अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता सहित पर्यटन, कला-साहित्य एवं संस्कृति तथा पुरातत्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं, परियोजनाओं और बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई।
लंबित बजट घोषणाओं के त्वरित क्रियान्वयन के निर्देश उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 की लंबित बजट घोषणाओं को जल्द पूरा करने तथा वर्ष 2026-27 की घोषणाओं के लिए समयसीमा तय कर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर डीपीआर और लागत प्रस्ताव तैयार कर जल्द कार्य शुरू किया जाए। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 14 से 19 मार्च तक आयोजित होने वाले राजस्थान दिवस सप्ताह को पूरे प्रदेश में भव्यता के साथ मनाया जाए। कार्यक्रमों में क्षेत्रीय लोक कलाओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को प्रमुखता दी जाए, ताकि राज्य की समृद्ध संस्कृति को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया जा सके। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि 18 नवंबर 2027 को जयपुर की स्थापना के 300 वर्ष पूर्ण होंगे। इस अवसर को भव्य महोत्सव के रूप में मनाने के लिए अभी से समग्र कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 की बजट घोषणाओं के तहत राज्य के प्रत्येक संभाग स्तर पर वहां की प्रसिद्ध नृत्य शैलियों पर आधारित नृत्य उत्सव आयोजित किए जाएंगे। इससे स्थानीय लोक कलाकारों को मंच मिलेगा और पर्यटक भी क्षेत्रीय संस्कृति से रूबरू हो सकेंगे। गाइड्स के लिए रिफ्रेशर कोर्स की व्यवस्था उपमुख्यमंत्री ने पर्यटक सहायता बल की समीक्षा करते हुए गाइड्स को स्थानीय इतिहास, कला और संस्कृति की प्रमाणिक जानकारी देने के लिए रिफ्रेशर कोर्स आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों द्वारा व्यावसायिक प्रशिक्षण दिलाया जाए ताकि पर्यटकों को भ्रमण के दौरान सही ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जानकारी मिल सके। इसके साथ ही पर्यटन विभाग के मोबाइल एप और वेब पोर्टल को जल्द विकसित करने और उसमें पर्यटक सहायता बल से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट, पुष्कर प्रोजेक्ट और ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई और इनके त्वरित क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए। कला, साहित्य एवं संस्कृति तथा पुरातत्व विभाग की समीक्षा करते हुए दिया कुमारी ने शेखावाटी की ऐतिहासिक हवेलियों के संरक्षण कार्य की प्रगति की जानकारी ली और इसे तेज करने के निर्देश दिए। राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इसके लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। बैठक में राज्य की 11 चिन्हित बावड़ियों के संरक्षण और जीर्णोद्धार की प्रगति की समीक्षा भी की गई। उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इनका संरक्षण पारंपरिक वास्तुशिल्प और समरूप सामग्री का उपयोग करते हुए किया जाए। इसके अलावा जवाहर कला केंद्र, रवीन्द्र रंगमंच और जयपुर कथक केंद्र के उन्नयन व जीर्णोद्धार को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
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