Khachariyawas and Tikaram Jully on India-US Trade Deal: जयपुर में प्रताप सिंह खाचरियावास और टीकाराम जूली ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को देश के हितों के खिलाफ बताया है. कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि मोदी सरकार ने अमेरिका के दबाव में आकर सरेंडर किया है, जिससे किसानों और आम जनता को नुकसान होगा. उन्होंने पीयूष गोयल की बयानबाजी को खारिज करते हुए तेल की कीमतों और स्वाभिमानी विदेश नीति पर सवाल खड़े किए हैं.
ट्रेड डील पर खाचरियावास और टीकाराम जूली का बड़ा हमला
खाचरियावास ने सरकार पर हमला जारी रखते हुए कहा कि रूस अगर सस्ता तेल दे रहा है तो भारत को अपने हित में वहीं से तेल लेना चाहिए. उन्होंने वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी के बावजूद घरेलू बाजार में महंगा तेल बेचने के लिए बीजेपी सरकार की आलोचना की. खाचरियावास ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर को अमेरिका बुलाए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका के सामने इस तरह सरेंडर होना भारत की छवि के लिए ठीक नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस को भारत के हित में की गई किसी भी ट्रेड डील से आपत्ति नहीं है, लेकिन देश के आत्मसम्मान और आर्थिक हितों के साथ समझौता करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का ‘सरेंडर’ वाला बयान
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी ट्रेड डील को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा निशाना साधा है. जूली ने कहा कि जिस तरीके से यह ट्रेड डील हुई है, सरकार आज तक उसकी असलियत जनता को नहीं बता पा रही है. उन्होंने सवाल उठाया कि इस समझौते से भारतीय किसानों पर क्या असर पड़ेगा और ऐसी क्या मजबूरी थी कि प्रधानमंत्री को अमेरिका की शर्तें माननी पड़ीं. जूली के अनुसार, अमेरिका ने पहले टैरिफ लगाया और फिर उसे थोड़ा कम कर दिया, तो बीजेपी किस बात की वाहवाही लूट रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि भारत अब अमेरिका की शर्तों पर यह तय करेगा कि उसे किससे तेल खरीदना है और किससे नहीं, जो सीधे तौर पर देश की संप्रभुता के खिलाफ है.
इतिहास और स्वाभिमान की दिलाई याद
टीकाराम जूली ने ऐतिहासिक संदर्भों का हवाला देते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं, केवल बीजेपी के नहीं, इसलिए उन्हें देश के हितों को सर्वोपरि रखना चाहिए. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह उन्होंने अमेरिका के सातवें बेड़े को वापस भेज दिया था, वैसा साहस आज की सरकार में नहीं दिख रहा है. जूली ने कहा कि आज हर जगह चर्चा है कि सरकार ने अमेरिका के सामने सरेंडर कर दिया है. उन्होंने महात्मा गांधी के आदर्शों और देश की स्वाभिमानी परंपरा की याद दिलाते हुए कहा कि किसानों के हितों की बात करने के बजाय सरकार केवल गुमराह करने का काम कर रही है.
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Vicky Rathore is a multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience in digital media, social media management, video production, editing, content writing, and graphic, A MAJMC gra…और पढ़ें
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