ग्वालियर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने डॉ. भीम राव आंबेडकर की मूर्ति स्थापित करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने हाईकोर्ट में अपील दायर की गई थी। अपील की सुनवाई के दौरान इंटर विनर आवेदन पेश करने हुए गत दिवस हाईकोर्ट परिसर में हुई अधिवक्ता के साथ मारपीट किये जाने के संबंध में जानकारी पेश की गई। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने रजिस्ट्रार जनरल को प्रशासनिक स्तर पर जांच के आदेश दिये हैं।
गौरतलब है कि नागरिक उपभोक्ता मंच के डॉ. पीजी नाजपांडे की तरफ से दायर की गई याचिका में ग्वालियर खंडपीठ में डॉ. भीमराव की मूर्ति स्थापित किये जाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये जाएं। याचिका पर पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान ग्वालियर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अनिल मिश्रा के द्वारा 16 नवम्बर को विरोध दिवस के आह्वान पर कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की राहत चाही गई थी। हाईकोर्ट को बताया गया था कि विरोध दिवस के दौरान शहर और हाईकोर्ट परिसर में कानून व्यवस्था बिगड़ने की संभावना है। हाईकोर्ट ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के अंतरित आदेश जिला कलेक्टर को दिए थे।
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याचिका पर बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान इंटरविनर की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने युगलपीठ को बताया कि ग्वालियर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अनिल मिश्रा को डॉ. भीमराव आंबेडकर की फोटो फाड़ने के अपराध में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वह फिलहाल जमानत पर है। जबलपुर हाईकोर्ट परिसर में उनके तथा साथियों के द्वारा अधिवक्ता रूप सिंह मरावी से मारपीट की गई। पीड़ित अधिवक्ता की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की है। सिर्फ लिखित आवेदन लिया है। अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने बताया कि सुनवाई के बाद युगलपीठ ने घटना के फुटेज सुरक्षित रखने हुए जांच के आदेश जारी किये हैं। युगलपीठ ने रजिस्ट्रार जनरल को निर्देशित किया है कि हाईकोर्ट प्रशासनिक स्तर पर घटना की जांच कर रिपोर्ट पेश करे। याचिका पर अगली सुनवाई 4 फरवरी को निर्धारित की है।