स्वास्थ्य विभाग की ओर से मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक की गई। बैठक की अध्यक्षता विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने की। इस दौरान अपर सचिव विद्यानंद शर्मा पंकज सहित विभाग के कई वरिष्ठ
अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी स्वास्थ्य संस्थानों में इसे शीघ्र पूरा किया जाए। अधिकारियों को बताया गया कि भारत सरकार के उपक्रम के माध्यम से राज्य के सभी जिलों में एचएमआईएस लागू किया जा रहा है, जिसके तहत मरीजों का पंजीकरण, ओपीडी, आईपीडी, बिलिंग, लैब और अन्य सेवाएं ऑनलाइन की जा रही हैं। हालांकि, अभी सभी जिलों में इसका शत-प्रतिशत क्रियान्वयन नहीं हो पाया है।
इस पर चिंता जताते हुए अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि सभी मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में फरवरी 2026 के अंतिम सप्ताह तक एचएमआईएस को पूर्ण रूप से लागू कर दिया जाए, ताकि मरीजों को पारदर्शी और सुगम डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बीएसएनएल द्वारा मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में लगाए जा रहे वाई-फाई नेटवर्क को फरवरी 2026 तक पूरी तरह कार्यशील किया जाए। इससे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित होने वाली स्वास्थ्य सेवाओं को गति मिलेगी और डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों के कार्य में भी सुविधा होगी।
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