इंदौर के मुराई मोहल्ला में शनिवार देर रात तीन मकान अचानक धंस गए। गनीमत है कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन जो परिवार इन घरों में रहते हैं, वे बेघर हो गए हैं। रहवासियों का आरोप है कि बस्ती में ड्रेनेज लाइन के लिए लापरवाहीपूर्वक गहरी खुदाई की जा रही थी।
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इस कारण मकान धंसे हैं। मकान वर्षों पुराने थे। जानकारी मिलने के बाद नगर निगम के अफसर और पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंचे और परिवार के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। रहवासियों ने बताया कि बस्ती में ड्रेनेज लाइन बिछाने के लिए जेसीबी से खुदाई की जा रही है। इस दौरान मकान की नींव को नुकसान पहुंचाया गया।
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<p>घरों के बाहर बने ओटले भी तोड़े जा रहे हैं। इस दौरान जेसीबी चालक ने एक मकान के पिलर को भी तोड़ दिया था। इस कारण मकान का एक हिस्सा हल्का सा झुक गया था। मकान के खतरनाक स्थिति में पहुंचने के बाद शाम से मकान मालिक ने सामान निकालना शुरू कर दिया था। रात को मकान धीरे-धीरे धंसने लगा। उस मकान के आसपास दो मकान और हैं। वे भी उसके वजन के कारण धंसने लगे।
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जानकारी मिलने के बाद मौके पर नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे कांग्रेस नेताओं के साथ पहुंचे और कहा कि तीनों मकानों का धंसना कोई प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि नगर निगम के अफसरों की लापरवाही है। पुरानी बस्ती में तकनीकी विशेषज्ञों की देखरेख में खुदाई होनी चाहिए, लेकिन बेतरतीब खुदाई के कारण तीन मध्यमवर्गीय परिवारों के मकान धंस गए।
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उन्होंने कहा कि नगर निगम को प्रभावित परिवारों को मुआवजा देना चाहिए। आपको बता दें कि इंदौर के तोड़ा क्षेत्र में छह माह पहले एक मकान धंस गया था, जिसमें 9 लोग घायल हुए थे और दो लोगों की मौत हो गई थी। एक महिला का पैर काटना पड़ा था।
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