इंदौर के प्रीतमलाल दुआ सभागृह की कलादीर्घा में सृष्टि कलाकुंज कला संस्थान द्वारा आयोजित तीन दिवसीय कला प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया। इस विशेष कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर शहर की कई गणमान्य हस्तियां मौजूद रहीं, जिनमें पूर्व आईजी महेन्द्र सिकरवार, पूर्व कलेक्टर राकेश श्रीवास्तव और पूर्व ओ.एस.डी. आनंद शर्मा शामिल थे। साथ ही पूर्व डीआईजी एवं एडवोकेट धर्मेन्द्र चौधरी, आयोजक वंदिता श्रीवास्तव और वरिष्ठ चित्रकार हरेन्द्र शाह की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
कलाकारों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच
उद्घाटन के दौरान संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने अपने संबोधन में कहा कि इंदौर शहर सदैव से कलाप्रेमियों का केंद्र रहा है। इस प्रकार की प्रदर्शनियों के माध्यम से उभरते और स्थापित कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए एक उचित मंच प्राप्त होता है। उन्होंने सृष्टि कलाकुंज संस्थान के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यहां प्रदर्शित किया गया कार्य बेहद प्रभावशाली है और कलाकारों की मेहनत पेंटिंग्स में साफ़ दिखाई देती है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रत्येक पेंटिंग का बारीकी से अवलोकन किया और कलाकारों से उनके सृजन के पीछे की प्रेरणा के बारे में विस्तार से चर्चा की।
मप्र के विभिन्न शहरों के कलाकारों का अनूठा संगम
आयोजक वंदिता श्रीवास्तव ने प्रदर्शनी की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि ये पेंटिंग्स पिछले दो वर्षों से सुधा स्टूडियो, बिचौली मर्दाना में आयोजित कला शिविरों के दौरान तैयार की गई हैं। इस प्रदर्शनी में इंदौर के अलावा भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों के 50 से अधिक कलाकारों की कुल 85 कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया है। कलाकृतियों के मुख्य विषय हल्दी-कुमकुम, प्रयागराज महाकुंभ और मेरा आंगन रखे गए हैं, जो भारतीय संस्कृति के विभिन्न पहलुओं को खूबसूरती से दर्शाते हैं।
तिरंगे के रंग विषय पर आज विशेष वार्ता
प्रदर्शनी में ग्वालियर के अनुराग जड़िया और बृजमोहन आर्य जैसे कलाकारों के साथ-साथ इंदौर की मधुश्री मुछाल, रीतिका जैन और स्वाति द्रविड़ की कृतियां आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। भोपाल से मानुषी भार्गव और अनुपमा की मां-बेटी की जोड़ी ने भी अपनी कला का प्रदर्शन किया है। यह प्रदर्शनी 27 जनवरी तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक दर्शकों के लिए खुली रहेगी। इसके अतिरिक्त, 26 जनवरी को दोपहर 3 बजे तिरंगे के रंग, कला के संग विषय पर एक विशेष वार्ता का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें विभिन्न शहरों के कलाकार कला और राष्ट्रवाद पर अपने विचार साझा करेंगे।
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