टीएंडसीपी को गलत जानकारी देकर लेआउट मंजूर कराकर प्लॉट धारकों से धोखाधड़ी करने के मामले में राज्य आर्थिक अपराध अनुसंधान ब्यूरो (EOW, इंदौर) दृष्टि देवकॉन प्रा. लि. के डायरेक्टर्स सहित पांच के खिलाफ धोखाधड़ी करने के मामले में एफआईआर दर्ज की है। EOW द्वारा ग्राम पिपल्या लोहार और खडराखेड़ा इंदौर में डेवलप की जा रही गिरीराज कॉलोनी के संबंध में गलत जानकारी देकर अवैध लेआउट अनुमोदन कराकर प्लॉट धारकों से धोखाधड़ी करने की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है।
इनके खिलाफ हुआ है केस दर्ज
मामले में दृष्टि देवकान प्रालि. के डायरेक्टर शैलेष पिता श्री शिवनारायण माहेश्वरी, विनोद पिता रामस्वरूप माहेश्वरी, कुंवर सिंह पिता अमर सिंह और राजू पिता अमर सिंह पंवार और माया पति सालगराम राजपूत सभी निवासी पुखराज कार्पोरेशन, नवलखा बस स्टैंड के सामने, इंदौर हैं। मामले में शिकायतकर्ता मे. सुन्दरम रियल इंफ्रा प्रा. लि. के डायरेक्टर पवन नारंग द्वारा आरोप लगाया गया कि दृष्टि देवकान प्रा.लि. के डायरेक्टर शैलेष माहेश्वरी और अन्य भूमि स्वामियों द्वारा नगर तथा ग्राम निवेश कार्यालय को भ्रामक जानकारी देकर प्रस्तावित कॉलोनी के लेआउट में उत्तर दिशा में 9 मीटर चौड़ा पहुंच मार्ग दर्शाया गया, जबकि वास्तविक स्थल पर मात्र 8-10 फीट चौड़ा मार्ग ही उपलब्ध है।
जांच में संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, इंदौर से प्राप्त जानकारी और स्थल निरीक्षण के आधार पर पाया गया कि अनुमोदित लेआउट के अनुरूप पहुंच मार्ग मौके पर मौजूद नहीं है। इसके बावजूद आरोपियों द्वारा सांठगांठ और षड्यंत्रपूर्वक गलत जानकारी प्रस्तुत कर आवासीय भूखंडीय विकास का अभिन्यास अनुमोदित कराया गया और आमजन व कॉलोनी के प्लॉट धारकों के साथ धोखाधड़ी की गई।
प्रथम दृष्टया पाया गया कि आरोपियों ने नियमों के विरुद्ध अवैध लाभ अर्जित करने की नीयत से अवैध लेआउट की मंजूरी प्राप्त की। इस पर पांचों आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 120-बी भादंवि के तहत केस दर्ज कर विवेचना में लिया गया।
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