आईजीआई एयरपोर्ट से इंडिगो की सारी उड़ाने रद्द होने का खामियाजा यात्रियों के लिए मुसीबतों का सबब बना। समय से गंतव्य पर नहीं पहुंचने से परेशान यात्रियों को देखकर अन्य एयरलाइंस ने तीन गुना तक अपनी फ्लाइट का किराया बढ़ा दिया और इस दिक्कत को टैक्सी वालों ने भी नहीं समझा और जमकर किराया वसूला। सबसे ज्यादा मार दिल्ली-मुंबई जैसे व्यस्त रूट पर पड़ी।
सामान्य दिनों में दिल्ली से मुंबई का एकतरफा किराया 4,500 से 6,000 रुपये के बीच रहता है, लेकिन इंडिगो की उड़ानें रद्द होने के बाद यह किराया रातोंरात 25,000 से 30,000 रुपये तक पहुंच गया। यदि किसी यात्री को 6 दिसंबर को दिल्ली से मुम्बई जाना है तो उसे 30 हजार रुपये किराया देना होगा। एक यात्री ने बताया कि मेरी इंडिगो की फ्लाइट रद्द हो गई। दूसरी एयरलाइन में सीट बुक कराई तो किराया तीन गुना से ज्यादा था।
एयरलाइंस की इस मनमानी पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने सभी एयरलाइंस को निर्देश दिए हैं कि संकट की इस घड़ी में किराए को नियंत्रित रखा जाए। अगर कोई एयरलाइन किराया बढ़ाती है तो तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
एयरपोर्ट के बाहर भी यात्रियों पर किराए की मार
हवाई किराए की मार के अलावा एयरपोर्ट के बाहर भी यात्रियों की शामत आई। टर्मिनल-3 से बाहर निकलने या नजदीकी जगहों पर जाने के लिए टैक्सी और कैब चालकों ने मनमाने दाम वसूलने शुरू कर दिए। यात्रियों ने शिकायत की कि टी-3 से टी-2 टर्मिनल तक जाने के लिए भी 800-1000 रुपये मांगे जा रहे थे, जबकि सामान्य दिनों में 200 से 300 रुपये किराया होता है। द्वारका, गुरुग्राम या सेंट्रल दिल्ली जाने का किराया जहां सामान्य दिनों में 400 से 700 रुपये होता है, वह रात में 1500 से 2000 रुपये तक वसूल किया गया। दिल्ली पुलिस और एयरपोर्ट अथॉरिटी को भी इस बाबत कई शिकायतें मिली हैं।
वर्ल्ड क्लास एयरपोर्ट पर टैक्सी, बस, रेलवे स्टेशन जैसे हालात
देश के सबसे आधुनिक और ‘वर्ल्ड क्लास’ कहे जाने वाले इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर जो हालात बने, उसे देखकर कोई भी यात्री हैरान रह गया। अचानक मीडिएटर टर्मिनल के सभी बाहर निकलने वाले गेट बंद कर दिए गए। बाहर टैक्सी, ऑटो या बस स्टैंड तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं बचा। इससे एयरपोर्ट के अंदर हजारों यात्री इधर-उधर भटकते रहे। एयरपोर्ट अधिकारियों ने शुरू में कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। बाद में बताया गया कि सुरक्षा कारणों से मीडिएटर टर्मिनल के बाहर जाने वाले सभी गेट अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए थे। एक यात्री ने कहा कि लग रहा था मानो हम किसी लोकल बस स्टैंड या रेलवे स्टेशन पर आ गए हैं। यात्रियों की भीड़ से जुड़े फोटो व वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए।
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