माइनिंग के समय मिट्टी के लोड किए टिपर।
जालंधर के हल्का कैंट क्षेत्र में देर रात अवैध माइनिंग किए जाने का मामला सामने आया है। सूचना मिलते ही आम आदमी पार्टी की हल्का इंचार्ज राजविंदर कौर थियाड़ा मौके पर पहुंची और पुलिस को मशीनरी कब्जे में लेने के निर्देश दिए। पुलिस ने मौके से पोकलेन मशीन समे
राजविंदर कौर थियाड़ा ने बताया कि उन्हें रात करीब 1 बजे पार्टी वर्कर का फोन आया, जिसमें बताया गया कि इलाके के खेतों में अवैध माइनिंग चल रही है। जब वह टीम के साथ मौके पर पहुंचीं तो देखा गया कि जमीन को करीब 7 फुट तक खोदकर मिट्टी ट्रकों में भरी जा रही थी। उनके पहुंचते ही ट्रकों सहित अवैध खुदाई में शामिल लोग मशीनरी छोड़कर मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने मशीनरी कब्जे में ली
चौकी इंचार्ज जसबीर सिंह ने बताया कि मौके पर मिली पूरी मशीनरी कब्जे में ले ली गई है और फरार आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। राजविंदर कौर ने कहा कि इलाके में अवैध माइनिंग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इस तरह की गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने पुलिस से कहा पंजाब सरकार के सख्त आदेश है। गैर कानूनी ढंग के माइनिंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी
पंजाब की खनन नीति अब क्या नया है
पंजाब सरकार ने अप्रैल 2025 में खनन नीति के संशोधन को मंजूरी दी यानी राज्य में रेत,बजरी जैसे लघु-खनिजों की खनन व आपूर्ति व्यवस्था बदल दी गई। नए संशोधनों के तहत दो नई श्रेणियाँ जोड़ी गईं जहाँ जमीन मालिक अपनी ज़मीन से खुद खनन कर सकते हैं और जहाँ क्रशर यूनिट्स जमीन रखने वालों से पट्टा लेकर बजरी/रेत खनन कर सकेंगी। इससे अवैध खनन और राज्यों से बजरी-रेत लाने की प्रवृत्ति को घटाने की कोशिश है।
अक्टूबर 2025 में, सरकार ने लागू किया है कि इसके तहत खनिज उत्पादन और परिवहन का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप में रखा जाएगा। ट्रकों में GPS-आधारित ट्रैकिंग अनिवार्य होगी। अगर खनन/परिवहन नियमों का उल्लंघन हुआ, तो जुर्माना ₹ 5 लाख तक या रॉयल्टी के बराबर लगाया जाएगा। सरकार का कहना है कि इन बदलावों से खनिजों की आपूर्ति बेहतर होगी, निर्माण-सामग्री (रेत, बजरी) की कीमतों में स्थिरता आने की उम्मीद है, और अवैध खनन व तस्करी पर अंकुश लगेगा। राजस्व में भी इज़ाफा हुआ है।
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