शहर में बन चुकी हैं सैकड़ों अवैध कॉलोनियां
बता दें कि शहर के मंडीदीप, अब्दुल्लागंज, देवरी, उदयपुरा, बरेली, बाड़ी, सिलवानी, बेगमगंज, गैरतगंज, सांची और रायसेन मुख्यालय तक सैकड़ों अवैध कॉलोनियां फैल चुकी हैं। लेकिन प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई न होने से कॉलोनाइजर बेखौफ नजर आ रहे हैं। आश्वासन और नोटिस के अलावा अब तक कोई निर्णायक कदम नहीं उठाए गए, जिससे अवैध कॉलोनियों का जाल लगातार फैलता जा रहा है। नगर पालिका क्षेत्र में हालात और भी चिंताजनक हैं। खेतों में धड़ल्ले से अवैध कॉलोनियां काटी जा रही हैं। खुलेआम प्लॉटों की बिक्री हो रही है। स्थिति यह है कि नगर पालिका द्वारा लगाए गए चेतावनी बोर्ड तक कॉलोनाइजरों ने उखाड़कर फेंक दिए हैं ।
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रायसेन जिला मुख्यालय में बाईपास, गोपालपुर और सागर रोड जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भी रोज नई अवैध कॉलोनियां आकार ले रही हैं। मंडीदीप नगर पालिका द्वारा अवैध कॉलोनी काटने वाले बिल्डरों को नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन नोटिस मिलने के बाद भी कॉलोनी माफिया और ज्यादा सक्रिय हो गए हैं। कई कॉलोनाइजर ऐसे हैं, जिन्होंने आधा दर्जन से अधिक अवैध कॉलोनियां काट दी हैं, फिर भी उनके खिलाफ अब तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं की गई।
स्थानीय नागरिकों में है भारी आक्रोश
प्लॉट बेचने के लिए जगह-जगह ऑफिस खोलकर भोले-भाले लोगों को सुनहरे सपने दिखाए जा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों में इस स्थिति को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अवैध कॉलोनियों के कारण भविष्य में सड़क, पानी, बिजली और सीवरेज जैसी मूलभूत सुविधाओं का गंभीर संकट खड़ा होगा, जिसका सीधा नुकसान आम जनता को उठाना पड़ेगा। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब नगर पालिका के चेतावनी बोर्ड सुरक्षित नहीं हैं, तो अवैध कॉलोनियों पर प्रभावी कार्रवाई कैसे होगी?
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