हरियाणा के 590 करोड़ रुपये के बैंक गबन मामले में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) ने दो बैंक अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। विजिलेंस ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की ऑथराइजर स्वाति धीमान और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के रीजनल हेड अरुण शर्मा को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। अदालत ने दोनों को तीन-तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
अधिकारियों के अनुसार, आईडीएफसी बैंक में ऑथराइजर स्वाति ने मुख्य आरोपी रिभव और अभय की घोटाले में मदद की। आरोप है कि उन्होंने फर्जी दस्तावेज तैयार करने और बैंक रिकॉर्ड में हेरफेर कर धोखाधड़ी को अंजाम देने में भूमिका निभाई।
आरोप है कि अरुण शर्मा के कहने पर फर्जी बैंक स्टेटमेंट तैयार किए गए और गबन में उन्हें करीब 10 करोड़ रुपये मिले, जिनमें से दो करोड़ रुपये उनके खाते में ट्रांसफर किए गए। एसआईटी के अनुसार, आरोपियों ने एफडी, डेबिट नोट और बैंक स्टेटमेंट समेत कई वित्तीय दस्तावेज फर्जी तरीके से तैयार किए।
अन्य अधिकारियों की भूमिका खंगाली जा रही
विजिलेंस अब आरोपियों के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त कर मामले के पूरे मामले की जांच कर रही है और अन्य बैंक अधिकारियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
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