IDFC बैंक गबन मामले में प्रशासन ने सभी विभागों बैंक से जुड़े खातों और लेन-देन की पूरी जानकारी मांगी है।
हरियाणा में सामने आए 590 करोड़ रुपये के IDFC बैंक गबन मामले के बाद चंडीगढ़ प्रशासन भी सतर्क हो गया है। प्रशासन ने अपने सभी विभागों से इस बैंक से जुड़े खातों और लेन-देन की पूरी जानकारी मांगी है।
फाइनेंस सेक्रेटरी ने सभी विभागों को पत्र जारी कर 26 फरवरी तक विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को फाइनेंस सेक्रेटरी दिप्रावा लकरा ने बैंक अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरे मामले की जानकारी ली और संभावित खतरे पर बात की।
प्रशासन का कहना है कि कुछ विभागों के खाते IDFC बैंक में हैं, लेकिन अब तक किसी तरह की गड़बड़ी सामने नहीं आई है। फिर भी एहतियात के तौर पर दो दिन के भीतर पूरी जांच कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
दरअसल, हरियाणा में चल रही जांच के दौरान पुलिस अधिकारियों ने आशंका जताई थी कि चंडीगढ़ प्रशासन के कुछ विभागों में भी इसी तरह की अनियमितता हो सकती है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने अपने स्तर पर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।
हरियाणा गर्वनर के आदेश पर हाई-लेवल कमेटी गठित
हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों के बैंक अकाउंट से 590 करोड़ रुपए के घोटाले के मामले में गर्वनर के आदेश पर हाई-लेवल जांच कमेटी बनाई गई है। कमेटी की अध्यक्षता वित्त विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी अरुण कुमार गुप्ता करेंगे।
कमेटी IDFC बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक को पैनल में शामिल करने की प्रक्रिया और मंजूरी की जांच करेगी। कमेटी यह भी पता लगाएगी कि किन लोगों ने इन बैंकों में पैसे भेजने की अनुमति दी थी।
पंचकूला के सेक्टर 17 स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो थाने में IDFC बैंक चंडीगढ़ और AU स्मॉल बैंक सेक्टर-32 चंडीगढ़ के कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। टीम ने दोनों बैंकों से रिकॉर्ड मांग लिए हैं।
चंडीगढ़ फाइनेंस सेक्रेटरी दिप्रावा लकरा।
एक महीने में जांच करेगी कमेटी
कमेटी में अरुण गुप्ता के अलावा, पंचायत विभाग के डायरेक्टर अनीश यादव, पंचकूला नगर निगम के कमिश्नर विनय कुमार और HPSC के डिप्टी सचिव सतीश कुमार भी शामिल हैं। कमेटी यह भी देखेगी कि राज्य सरकार की बैंकिंग नीति इन दोनों बैंकों के लिए सही थी या नहीं। आगे के लिए नई नीति कैसे बनानी है, इस पर भी काम होगा। साथ ही, इस मामले में कौन लोग जिम्मेदार हैं, यह भी पता लगाया जाएगा। इस पूरी जांच के लिए कमेटी को एक महीने का समय दिया गया है।
खुद बैंक ने किया घोटाले का खुलासा
IDFC बैंक की चंडीगढ़ ब्रांच में हरियाणा सरकार से जुड़े कुछ खातों में करीब 590 करोड़ रुपए की गड़बड़ी पकड़ में आई थी। बैंक ने खुद स्टॉक एक्सचेंज को सूचना देकर बताया कि उसके ही कुछ कर्मचारियों ने अनधिकृत और गलत तरीके से ये गड़बड़ी की, जिसमें बाहर के कुछ लोग शामिल है। बैंक ने चार कर्मचारियों को सस्पेंड भी किया है।
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